Hindi Christian Documentary | वह जिसका हर चीज़ पर प्रभुत्व है | Testimony of the Great Power of God (Hindi Dubbed)

सू मिंग्यू मुख्य-भूमि चीन में एक गृह कलीसिया में उपदेशिका हैं। वर्षों से वे प्रभु की धर्मनिष्ठ सेविका रही हैं, जो प्रभु के लिए उपदेश देने का कार्य करती हैं और कलीसिया के कार्य का भार उठाने पर ज़ोर देती हैं। वे बाइबल में पौलुस के कथन पर चलती हैं, यह समझते हुए कि केवल प्रभु में विश्वास कर लेने मात्र से धार्मिक कहलाया जा सकता है और अनुग्रह द्वारा रक्षा मिल सकती है। हालांकि मनुष्य अब भी निरंतर पाप करता है, परंतु उसके पाप प्रभु द्वारा क्षमा किये जा चुके हैं, और प्रभु के लौटने पर उसकी छवि उसी पल बदल कर पवित्र कर दी जायेगी उसे स्वर्ग के राज्य में आरोहित कर लिया जाएगा। परंतु, हाल के वर्षों में कलीसिया अधिक-से-अधिक उजाड़ हो गयी है, विश्वासी सामान्यत: नकारात्मक और कमजोर हो गए हैं, उनकी श्रद्धा और प्रेम ठंडे पड़ चुके हैं। कुछ सह-कार्यकर्ता प्रभु के वचन पर चलते हैं: “जो मुझ से, ‘हे प्रभु! हे प्रभु !’ कहता है, उनमें से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है।” वे इस धारणा पर प्रश्न करते हैं कि “जब प्रभु लौटेंगे, तो वे उसी पल मनुष्य की छवि बदल देंगे और उसे स्वर्ग के राज्य में आरोहित कर लेंगे।” वे समझते हैं कि चूंकि हम अब भी निरंतर पाप करते हैं, पवित्रता पाने में बहुत अधिक असफल हैं, और परमेश्वर की इच्छा की अवज्ञा करते हैं, तो प्रभु के आने पर हमें स्वर्ग के राज्य में कैसे आरोहित किया जाएगा? चर्चा और वाद-विवाद के बाद, सू मिंग्यू समझती हैं कि प्रभु के वचन और प्रभु के आने पर उसी पल मनुष्य की छवि बदल देने के पौलुस के विचार में थोड़े विरोधाभास हैं। आखिर कौन-सा विचार सही है? सु मिज्ञू हृदय से दुविधा और उलझन में हैं। अपनी व्यावहारिक उलझन को सुलझाने के लिए, ताकि प्रभु उन्हें त्याग न दें, पवित्र आत्मा के कार्य वाली कलीसिया को ढूँढने के क्रम में, सू मिंग्यू चमकती पूर्वी बिजली का अध्ययन करने का फैसला करती हैं। सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के उपदेशकों के साथ चर्चा और वाद-विवाद करके, सू मिंग्यू और दूसरे लोग अंतत: स्वर्ग के राज्य में प्रवेश के एकमात्र मार्ग को समझ पाते हैं …

स्रोत: यीशु मसीह का अनुसरण करते हुए

आइए प्रभु की वापसी का स्वागत करें और 2,000 साल की प्रतीक्षा का अंत करें। अभी पढ़ें।

बाइबिल के उपदेश आपको बाइबल की गहराई में जाने और परमेश्वर की इच्छा को समझने में मदद करता हैI

परमेश्वर में सच्चा विश्वास वास्तव में क्या है?

परमेश्वर में आस्था, पवित्र आत्मा का कार्य

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:

“यद्यपि बहुत से लोग परमेश्वर पर विश्वास करते हैं, किंतु बहुत कम लोग समझते हैं कि परमेश्वर पर विश्वास करने का अर्थ क्या है, और परमेश्वर के मन के अनुरूप बनने के लिये उन्हें क्या करना चाहिए। ऐसा इसलिए है क्योंकि यद्यपि लोग “परमेश्वर” शब्द और “परमेश्वर का कार्य” जैसे वाक्यांश से परिचित हैं, किंतु वे परमेश्वर को नहीं जानते हैं, और उससे भी कम वे उसके कार्य को जानते हैं। इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि तब वे सभी जो परमेश्वर को नहीं जानते हैं, वे दुविधायुक्त विश्वास रखते हैं। लोग परमेश्वर पर विश्वास करने को गंभीरता से नहीं लेते हैं, क्योंकि परमेश्वर पर विश्वास करना उनके लिये अत्यधिक अनजाना और अजीब है। इस प्रकार, वे परमेश्वर की माँग से कम पड़ते हैं। दूसरे शब्दों में, यदि लोग परमेश्वर को नहीं जानते हैं, तो वे उसके कार्य को भी नहीं जानते हैं, तब वे परमेश्वर के इस्तेमाल के योग्य नहीं हैं, और उससे भी कम यह कि वे परमेश्वर की इच्छा को पूरा नहीं कर सकते हैं। “परमेश्वर पर विश्वास” का अर्थ, यह विश्वास करना है कि परमेश्वर है; यह परमेश्वर पर विश्वास की सरलतम अवधारणा है। इससे बढ़कर यह बात है कि परमेश्वर है, यह मानना परमेश्वर पर सचमुच विश्वास करना नहीं है; बल्कि यह मजबूत धार्मिक प्रभाव के साथ एक प्रकार का सरल विश्वास है। परमेश्वर पर सच्चे विश्वास का अर्थ इस विश्वास के आधार पर परमेश्वर के वचनों और कामों का अनुभव करना है कि परमेश्वर सब वस्तुओं पर संप्रभुता रखता है। इस तरह से तुम अपने भ्रष्ट स्वभाव से मुक्त हो जाओगे, परमेश्वर की इच्छा को पूरा करोगे और परमेश्वर को जान जाओगे। केवल इस प्रकार की यात्रा के माध्यम से ही तुम्हें परमेश्वर पर विश्वास करने वाला कहा जा सकता है। मगर लोग परमेश्वर पर विश्वास को अक्सर बहुत सरल और तुच्छ मानते हैं। ऐसे लोगों का विश्वास अर्थहीन है और कभी भी परमेश्वर का अनुमोदन नहीं पा सकता है, क्योंकि वे गलत पथ पर चलते हैं। आज, अभी भी कुछ ऐसे लोग हैं जो अक्षरों में, खोखले सिद्धान्तों में परमेश्वर पर विश्वास करते हैं। वे इस बात से अनजान हैं कि परमेश्वर पर उनके विश्वास में कोई सार नहीं है, और कि वे परमेश्वर का अनुमोदन पाने में असमर्थ हैं, और तब भी वे परमेश्वर से शांति और पर्याप्त अनुग्रह के लिये प्रार्थना करते हैं। हमें रुक कर स्वयं से प्रश्न करना चाहिए: क्या परमेश्वर पर विश्वास करना पृथ्वी पर वास्तव में सबसे अधिक आसान बात है? क्या परमेश्वर पर विश्वास करने का अर्थ, परमेश्वर से अधिक अनुग्रह पाने की अपेक्षा कुछ नहीं है? क्या जो लोग परमेश्वर पर विश्वास करते हैं पर उसे नहीं जानते हैं; और जो उस पर विश्वास तो करते हैं पर उसका विरोध करते हैं, सचमुच उसकी इच्छा को पूरा करते हैं?” “परमेश्वर में सच्चा विश्वास वास्तव में क्या है?”पढ़ना जारी रखें

प्रभु यीशु का अपने पुनरुत्थान के बाद मानवजाति के सामने प्रकट होने के महत्व के दो पहलू

प्रभु यीशु, बाइबिल की भविष्यवाणी

बाइबल में यह अभिलिखित है: “वे ये बातें कह ही रहे थे कि वह आप ही उनके बीच में आ खड़ा हुआ, और उनसे कहा, ‘तुम्हें शान्ति मिले।’ परन्तु वे घबरा गए और डर गए, और समझे कि हम किसी भूत को देख रहे हैं। उसने उनसे कहा, ‘क्यों घबराते हो? और तुम्हारे मन में क्यों सन्देह उठते हैं? मेरे हाथ और मेरे पाँव को देखो कि मैं वही हूँ। मुझे छूकर देखो, क्योंकि आत्मा के हड्डी माँस नहीं होता जैसा मुझ में देखते हो।’ यह कहकर उसने उन्हें अपने हाथ पाँव दिखाए। जब आनन्द के मारे उनको प्रतीति न हुई, और वे आश्‍चर्य करते थे, तो उसने उनसे पूछा, ‘क्या यहाँ तुम्हारे पास कुछ भोजन है?’ उन्होंने उसे भुनी हुई मछली का टुकड़ा दिया। उसने लेकर उनके सामने खाया” (लूका 24:26-43)। मैं जब भी इन पदों को पढ़ता हूँ, तो मैं पतरस, यूहन्ना और अन्य लोगों से ईर्ष्या करता हूँ। यीशु जब यहूदिया में अपना कार्य कर रहे थे, तो वह रात-दिन सर्वदा अपने शिष्यों के साथ होते थे, और जब वह पुनर्जीवित हो गए, तब भी उन्होंने पहले के समान उनकी देखभाल की, उन्हें दिखाई दिए, उन्हें पवित्रशास्त्र समझाया और उन्हें शिक्षा प्रदान की। पतरस और अन्य लोग सौभाग्यशाली थे कि उन्हें प्रभु के द्वारा उनके शिष्यों के रूप में चुने गये और वे अपने कानों से प्रभु यीशु की शिक्षाओं को सुन पाए—वे बहुत अधिक आशीषित थे! उसके पश्चात मैंने परमेश्वर के वचनों को पढ़ा और मुझे प्रभु यीशु के पुनरुत्थान के पश्चात मनुष्य को दिखाई देने के पीछे वास्तव में उनकी जो इच्छा थी वो समझ आ गई और यह भी समझ आ गया कि इस कार्य में परमेश्वर की सर्वशक्तिमत्ता और बुद्धि और अधिक शामिल थे। मैंने वास्तव में समझ लिया कि प्रभु यीशु मसीह का अपने पुनरुत्थान के पश्चात मनुष्य को दिखाई देना वास्तव में अत्यधिक अर्थपूर्ण था! “प्रभु यीशु का अपने पुनरुत्थान के बाद मानवजाति के सामने प्रकट होने के महत्व के दो पहलू”पढ़ना जारी रखें

धन के बंधनों को तोड़कर मिली मुझे सच्ची ख़ुशी

मैंने पैसे कमाने के लिए अत्यधिक काम किया ताकि मैं एक सम्पन्न जीवन जी सकूँ
जब मैंने शादी की थी तब मैं और मेरे पति, बहुत गरीब थे जिस कारण अक्सर दूसरे लोग हमसे बेरूखी से पेश आते थे। तबसे मैंने अधिक पैसे कमाने का मन बना लिया ताकि हम जल्द ही एक अपार्टमेंट बिल्डिंग में रहने के लिए जा सकें और उन लोगों पर प्रभाव जमा सकें जिन्होंने हमें नीचा दिखाया था। इसलिए मैं शहर के बाहर एक ऊन प्रसंस्करण कारखाने में काम करने लगी। मैं ड्रम से ऊन निकालकर उनको साफ करने का काम किया करती थी। चूँकि मशीनें बहुत तेज़ चलती थीं, इसलिए मेरा तेज़ी से हाथ चलाना ज़रुरी था नहीं तो मैं मशीन में खींची जा सकती थी और मर सकती थी। अधिक पैसा कमाने के लिए, मैंने इस जान के खतरे का जोखिम लिया और अतिरिक्त शिफ्ट में काम करना जारी रखा। आम तौर पर, समय बचाने के लिए और अधिक काम करने के लिए, मैं काम करते-करते ही खाना खा लेती थी, मैं रात में भी केवल तीन या चार घंटे सोती थी। एक शाम जब मैं एक अतिरिक्त शिफ्ट में काम कर रही थी, तब मुझे नींद आ गयी, जबकि मशीन अभी भी चल रही थी। सौभाग्य से, मेरे पति ने मुझे तब देख लिया जब वे अपनी शिफ्ट को समाप्त कर रहे थे और इस तरह दुर्घटना टल गयी।

परमेश्वर की इच्छा,परमेश्वर का उद्धार

हालाँकि मुझे कभी-कभी थकावट महसूस होती थी, लेकिन अपनी कड़ी मेहनत से कमाए पैसों को देखते ही मेरे दिल को आराम मिल जाता था। मैंने हमेशा सोचा था: “पैसा सब कुछ नहीं है, लेकिन इसके बिना, आप कुछ नहीं कर सकते,” और “दुनिया पैसों से चलती है।” पैसा कमाने से अधिक कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं था। जब तक मेरे पास पैसा था, तब तक मैं दूसरों से आदर पा सकती थी और वैसे जी सकती थी जैसे मैं चाहती थी; मैं यह हासिल करने के लिए कितना भी कष्ट सहने को तैयार थी। इस तरह, सात साल पलक झपकते बीत गये और हम कई हजार युआन बचाने में सफल रहे। हमारे बेटे ने भी शादी कर ली, उसका अपना एक बेटा था, और हमारे दिन खुशनुमा थे। हालांकि, कई बार, मन में अब भी एक टीस महसूस होती थी। जब मैं अन्य लोगों को बड़े शहर में मकान और लक्जरी कार खरीदते देखती थी, तो मैं अधिक पैसा कमाने के लिए कड़ी मेहनत करते रहना चाहती थी, ताकि एक बड़ा घर और लक्जरी कार ले सकूँ। “धन के बंधनों को तोड़कर मिली मुझे सच्ची ख़ुशी”पढ़ना जारी रखें

Best Hindi Christian Movie | “तड़प” | God Reveals the Mystery of Kingdom of Heaven (Hindi Dubbed)

दो हज़ार साल पहले, प्रभु यीशु ने अपने अनुयायियों को वचन दिया था: “मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूँ। और यदि मैं जाकर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूँ, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहाँ ले जाऊँगा कि जहाँ मैं रहूँ वहाँ तुम भी रहो” (यूहन्ना 14:2-3)।(© BSI) इस वजह से, विश्वासी लोग पीढ़ी-दर-पीढ़ी प्रभु के वचन के पूरा होने की उत्कट कामना और प्रार्थना करते रहे हैं, और उम्मीद और प्रार्थना करते रहे हैं कि वे स्वर्गारोहित होकर प्रभु से मिलेंगे और प्रभु के आने पर स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करेंगे। यह इस फिल्म के नायक, चेन शियांगुआंग का चरित्र-चित्रण भी करती है। नायक उत्साही खोजी है, जो प्रभु के आगमन के स्वागत के लिये सुसमाचार का प्रसार करता है और प्रभु की गवाही देता है। विद्यालय से अपने पद से हटा दिये जाने और अपने परिवार के सदस्यों से समर्थन हासिल करने में नाकाम रहने के बावजूद, वह हमेशा अपने हृदय में उम्मीद बनाए रखता है। एक दिन समारोह में, चीनी कम्युनिस्ट सरकार चेन शियांगुआंग को गिरफ्तार कर कारागार में डाल देती है। परमेश्वर के अद्भुत नियम और व्यवस्थाओं के अंतर्गत, उसकी मुलाकात सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के एक ईसाई, झाओ झिमिंग से होती है। झाओ झिमिंग उसे परमेश्वर के प्रकटन और अंत के दिनों के कार्य की गवाही देता है। इससे शियांगुआंग की प्रभु के लौटने की उम्मीद लगाने और प्रार्थना करने की बरसों की धारणाओं और कल्पनाओं का समाधान हो जाता है। जेल से रिहा होने के बाद, चेन शियांगुआंग अपने भाई-बहनों को अंत के दिनों के सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य की जाँच करने में मार्गदर्शन देता है। और इस तरह, हर कोई समझ जाता है कि स्वर्ग के राज्य में आरोहित होना क्या है, राज्य वाकई धरती पर है या स्वर्ग में है, और लोगों को प्रभु की वापसी का स्वागत कैसे करना चाहिये…

स्रोत: यीशु मसीह का अनुसरण करते हुए

बाइबल की भविष्यवाणी खण्ड, प्रभु की वापसी की भविष्यवाणियों—छुपी हुई भविष्यवाणियों, अंत के दिनों के न्याय की भविष्यवाणियों के साथ और भी बहुत कुछ उपलब्ध कराता है, और उन भविष्यवाणियों के पीछे के वास्तविक अर्थ की व्याख्या करता हैI

बाइबल अध्ययन खण्ड, बाइबल के पदों के बारे में ईसाइयों की शुद्ध समझ को आपके साथ साझा करता है, यह आपको बाइबल की गहराई में जाने और परमेश्वर की इच्छा को समझने में मदद करता हैI

 

 

Hindi Christian Song | सच्ची प्रार्थना | How Should We Pray So That God Will Listen?

सच्ची दुआ अपने दिल की बातों को परमेश्वर के सामने कहना है,
यह परमेश्वर की मर्ज़ी और उसके वचन पर आधारित है।
सच्ची दुआ परमेश्वर को अपने करीब महसूस करना है,
जैसे वो ख़ुद तेरे सामने हो।
सच्ची प्रार्थना का मतलब तुझे परमेश्वर से बहुत कुछ कहना है,
तेरा दिल सूरज के समान उज्ज्वल है,
तू परमेश्वर की सुंदरता से प्रेरित होता है,
जो सुनते हैं वो संतुष्ट होते हैं। “Hindi Christian Song | सच्ची प्रार्थना | How Should We Pray So That God Will Listen?”पढ़ना जारी रखें

Hindi Christian Skit | ख़ुशफ़हमी | Do You Know the Criteria for Entering the Kingdom of Heaven?

ली मिंगदाओ एक गृह-कलीसिया में प्रचारक है। वह बरसों से प्रभु में विश्वास रखता आ रहा है, और उसने हमेशा पौलुस की मिसाल का अनुसरण करते हुए प्रचार और कार्य किया है, कष्ट उठाए हैं और कीमत अदा की है। उसका मानना है, “अगर कोई मेहनत और कार्य करता है तो वह स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकता है, पुरस्कृत हो सकता है और मुकुट हासिल कर सकता है।” लेकिन अपने सहकर्मियों से मिलने पर, भाई झांग इस नज़रिये पर संदेह व्यक्त करता है। ली मिंगदाओ आश्वस्त नहीं होता और घर लौट आता है, और बाइबल को अच्छी तरह देख लेने के बाद, वह भाई झांग से गर्मागर्म बहस करता है… क्या प्रभु के लिये मेहनत और कार्य करना परमेश्वर की इच्छा को पूरा करना है? क्या इस मार्ग को अपनाने पर अंतत: कोई उन्नत होकर स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकता है? ये सब जानने के लिये नाट्य-प्रस्तुति ‘ख़ुशफ़हमी’ देखें।

स्रोत: यीशु मसीह का अनुसरण करते हुए

बाइबिल के उपदेश आपको बाइबल की गहराई में जाने और परमेश्वर की इच्छा को समझने में मदद करता हैI

बाइबल के प्रश्नों के उत्तर और पाएं आध्यात्मिक विकास

 

प्रभु यीशु ने स्वयं भविष्यवाणी की थी कि परमेश्वर आखिरी दिनों में देहधारण करेगा और कार्य करने के लिए मनुष्य के पुत्र के रूप में प्रकट होगा।

प्रभु यीशु की वापसी,बाइबिल की भविष्यवाणी

संदर्भ के लिए बाइबल के पद:
“तुम भी तैयार रहो; क्योंकि जिस घड़ी तुम सोचते भी नहीं, उसी घड़ी मनुष्य का पुत्र आ जाएगा” (लूका 12:40)।

“क्योंकि जैसे बिजली आकाश के एक छोर से कौंध कर आकाश के दूसरे छोर तक चमकती है, वैसे ही मनुष्य का पुत्र भी अपने दिन में प्रगट होगा। परन्तु पहले अवश्य है कि वह बहुत दु:ख उठाए, और इस युग के लोग उसे तुच्छ ठहराएँ” (लूका 17:24-25)।

“आधी रात को धूम मची: ‘देखो, दूल्हा आ रहा है! उससे भेंट करने के लिये चलो” (मत्ती 25:6)।

“देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूँ; यदि कोई मेरा शब्द सुनकर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके पास भीतर आकर उसके साथ भोजन करूँगा और वह मेरे साथ” (प्रकाशितवाक्य 3:20)।

“देख, मैं चोर के समान आता हूँ; धन्य वह है जो जागता रहता है, और अपने वस्त्र की चौकसी करता है कि नंगा न फिरे, और लोग उसका नंगापन न देखें” (प्रकाशितवाक्य 16:15)। “प्रभु यीशु ने स्वयं भविष्यवाणी की थी कि परमेश्वर आखिरी दिनों में देहधारण करेगा और कार्य करने के लिए मनुष्य के पुत्र के रूप में प्रकट होगा।”पढ़ना जारी रखें

ईसाई धर्म में इतने सम्प्रदाय क्यों हैं?

बाइबिल के उपदेश

मेरी उलझन
कई साल पहले, मैं अक्सर व्यवसायिक कारणों से बाहर रहता था। जहाँ भी मैं जाता, अपनी इच्छा से सप्ताहांत पर प्रभु के वचनों को साझा करने और प्रार्थना करने के लिए मैं एक बैठक की जगह की तलाश करता था। लेकिन कुछ बैठकों के बाद, कलीसिया के अगुआ मुझसे पूछते थे, “भाई झोउ, आप किस संप्रदाय से हैं? आपके कलीसिया के सिद्धांत क्या हैं?” मैं हमेशा चकित रह जाता और जवाब देता, “मुझे प्रभु यीशु पर विश्वास है, और मैं किसी संप्रदाय से संबंधित नहीं हूँ। हम सभी मसीह में एक परिवार हैं।” इस पर वे जवाब देते, “वैसे तो कई कलीसियायें हैं, लेकिन केवल हमारी कलीसिया ही सच्ची है, केवल हमारी कलीसिया ही बाकी सभी को शामिल करती है।” बाद में, जो मुझे और भी ज्यादा चकित करता था, वह यह था कि जब मैं अपनी गृह कलीसिया में वापस आता था तो कलीसिया के दोस्त मुझसे पूछते कि अन्य कलीसियाओं में मैंने कौन-कौन से सिद्धांत सुने। बाइबल के पदों की अलग-अलग समझ पर हम झगड़ पड़ते और कभी समझौता नहीं कर पाते थे। हमारी मुलाकातें अक्सर कड़वे सुर पर खत्म होती थीं। कई साल बीत गए, और चाहे मैं जहाँ भी जाऊं, जिस बात ने मुझे प्रभावित किया, वह थी संप्रदायों की बहुलता और कैसे वे सभी एक दूसरे के लिए आलोचनात्मक थे। यह देखकर, मैंने बाइबल के इन वचनों के बारे में सोचा, “एक ही प्रभु है, एक ही विश्‍वास, एक ही बपतिस्मा, और सब का एक ही परमेश्‍वर और पिता है, जो सब के ऊपर और सब के मध्य में और सब में है” (इफिसियों 4:5-6)। हम सभी प्रभु में विश्वास करते हैं, बाइबल और प्रभु के वचनों को पढ़ते हैं; तो फिर इतने सारे ईसाई संप्रदाय क्यों हैं? इसका मूल क्या है? प्रभु की इच्छा के अनुरूप कौन सा है? भ्रम और उलझन से भरा, मैं बेसब्री से जवाब ढूंढना चाहता था। “ईसाई धर्म में इतने सम्प्रदाय क्यों हैं?”पढ़ना जारी रखें

सिलसिलेवार चार रक्त चन्द्रमा

प्रभु यीशु की वापसी

1.प्रभु के खुलेआम आने की भविष्यवाणी
“देखो, वह बादलों के साथ आनेवाला है, और हर एक आँख उसे देखेगी, वरन् जिन्होंने उसे बेधा था वे भी उसे देखेंगे, और पृथ्वी के सारे कुल उसके कारण छाती पीटेंगे।हाँ। आमीन।” (प्रकाशितवाक्य 1:7)

“उन दिनों के क्लेश के तुरन्त बाद सूर्य अन्धियारा हो जाएगा, और चन्द्रमा का प्रकाश जाता रहेगा, और तारे आकाश से गिर पड़ेंगे और आकाश की शक्तियाँ हिलाई जाएँगी। तब मनुष्य के पुत्र का चिह्न आकाश में दिखाई देगा, और तब पृथ्वी के सब कुलों के लोग छाती पीटेंगे; और मनुष्य के पुत्र को बड़ी सामर्थ्य और ऐश्वर्य के साथ आकाश के बादलों पर आते देखेंगे।” (मत्ती 24:29-30)

“देखो, प्रभु अपने लाखों पवित्रों के साथ आया…” (यहूदा 1:14) “सिलसिलेवार चार रक्त चन्द्रमा”पढ़ना जारी रखें

Design a site like this with WordPress.com
प्रारंभ करें