Hindi Gospel Movie “द्वार पर दस्तक” क्लिप 4 – प्रभु द्वार पर दस्‍तक दे रहा है: क्‍या तुम उसकी आवाज सुन सकते हो? (1)

Hindi Gospel Movie “द्वार पर दस्तक” क्लिप 4 – प्रभु द्वार पर दस्‍तक दे रहा है: क्‍या तुम उसकी आवाज सुन सकते हो? (1)

प्रभु यीशु ने कहा था, “मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं” (यूहन्ना 10:27)। यह साफ़ है कि अपने लौटने पर प्रभु अपनी भेड़ों को खोजने के लिए बोल रहा है। प्रभु के आने की प्रतीक्षा करते हुए ईसाइयों के करने के लिए सबसे महत्‍वपूर्ण बात यह है कि वे प्रभु की आवाज को सुनने का प्रयास करें। यद्यपि, कोई किस तरह प्रभु की आवाज को पहचानने के योग्य होता है? परमेश्‍वर की आवाज और मनुष्‍यों की आवाज के बीच क्‍या अंतर है?

स्रोत: यीशु मसीह का अनुसरण करते हुए

प्रचुर हिंदी बाइबल स्टडी सामग्री

बाइबिल के उपदेश आपको बाइबल की गहराई में जाने और परमेश्वर की इच्छा को समझने में मदद करता हैI

 

Hindi Christian Movie | ईमान से समझौता नहीं | Christian Testimony in the Workplace (Hindi Dubbed)

Hindi Christian Movie | ईमान से समझौता नहीं | Christian Testimony in the Workplace (Hindi Dubbed)

वांग शिनयू और उसके पति की कपड़े की एक दुकान है। हालाँकि आरंभ में वे पूरी सच्चाई और ईमानदारी से अपना स्टोर चलाते हैं। लेकिन अधिक धन नहीं कमा पाते और बड़ी मुश्किल से गुज़र-बसर कर पाते हैं। लेकिन जब वे अपने साथियों को झूठ और फ़रेब से कारोबार करके गाड़ियाँ और घर ख़रीदते, ऐशो-आराम की ज़िंदगी जीते देखते हैं, तो वे निर्णय करते हैं कि अब वे भी पीछे नहीं रहेंगे, और अपने साथियों की राह पर ही चलते हुए, वे झूठ और फ़रेब से कारोबार करने लगते हैं। कुछ सालों बाद, हालाँकि उन्होंने पैसा कमा लिया, उनकी अंतरात्मा उन्हें कचोटती है, उन्हें अपने दिल में एक ख़ालीपन का एहसास होता है। तब वे सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के सुसमाचार को स्वीकार कर लेते हैं, परमेश्वर के वचन पढ़ते हैं। इससे उन्हें पता चलता है कि परमेश्वर को ईमानदार लोग पसंद हैं और वह कपटी लोगों से घृणा करता है। उन्हें समझ में आ जाता है कि ईमानदार लोगों को परमेश्वर की आशीष मिलती है। लेकिन, वे जगत में बुराई और अंधेरा भी देखते हैं और इस बात से चिंतित हो जाते हैं कि ईमानदारी से कारोबार करके वे धन नहीं कमा सकेंगे, बल्कि पैसा गँवाने का जोखिम बना रहेगा। इस तरह वे झूठ और कपट के सहारे ग्राहकों को धोखा देते रहते हैं। वे यह भी जानते हैं कि परमेश्वर इसी वजह से उनसे घृणा करता है… तमाम संघर्षों और नाकामियों के बाद, आख़िरकार वे परमेश्वर के वचनों के अनुसार, ईमानदार इंसान बनने का संकल्प लेते हैं। जब उन्हें परमेश्वर की आशीष मिलती है तो वे आश्चर्यचकित हो जाते हैं। उनका कारोबार तो फलता-फूलता ही है, उन्हें ईमानदार इंसान बनने का सुख और सुरक्षा भी प्राप्त होती है।

स्रोत: यीशु मसीह का अनुसरण करते हुए

 

मैं पाप से बचने का एक मार्ग पा लिया है

मादी, फिलिपीन्स

एक ऐसी ईसाई होने के नाते जिसने वर्षों से प्रभु पर विश्वास किया है, मैंने अक्सर पादरियों को उनके उपदेशों के दौरान यह कहते सुना है कि, “हम जैसे विश्वासियों को हमारे पापों से छुटकारा मिल चुका है और हम क्षमा पा चुके हैं। जब प्रभु वापस आयेंगे तो वह हमें सीधे स्वर्ग के राज्य में ले जायेंगे।” लेकिन जब मैं अधीर होकर प्रभु यीशु के लौटने और उनके द्वारा स्वर्ग के राज्य में ले जाये जाने की प्रतीक्षा कर रही थी, तब कुछ ऐसा हुआ जो मेरे लिए विशेष रूप से दर्दनाक और उलझन में डालने वाला था।

विश्वासी बनने के बाद, भले ही मैं अक्सर पवित्रशास्त्र पढ़ती थी, प्रार्थना करती, और सभाओं में भाग लेती थी, मेरे लिए असमंजस की बात यह थी कि मैं अक्सर अपने दिन-प्रतिदिन के जीवन में प्रभु की शिक्षाओं का पालन करने में स्वयं को असमर्थ पाती थी। मैं अच्छी तरह से जानती थी कि प्रभु ने हमें अपने पड़ोसी को खुद के समान प्यार करने और दूसरों को सात गुना सत्तर बार माफ करने का निर्देश दिया है, लेकिन हर बार जब मेरे पति मेरी बात नहीं मानते थे या मेरे आस-पास कोई व्यक्ति ऐसा काम करता जो मुझे पसंद नहीं है, तो मैं बस गुस्से से पागल सी हो जाती थी। हालाँकि मुझे गलती व पश्चाताप का एहसास होता था और मैं अक्सर प्रभु से प्रार्थना करती और पापस्वीकार करती थी, लेकिन जब भी मुझे इसी तरह की किसी अन्य स्थिति का सामना करना पड़ता था, तो इन सबके बावजूद मैं अपने आप को नियंत्रित कर ही नहीं पाती थी। इसके अलावा, मैं दुनिया के रुझानों द्वारा लुभाए जाने और आकर्षित होने के मोह से जीत नहीं पाती थी—मैं हमेशा सांसारिक प्रवृत्तियों का अनुसरण करती थी। मैं हमेशा सुंदर कपड़े और मेकअप के लिए आसक्त रहती और बाज़ार के सामान देखने और खरीदने के बारे में लगातार सोचती रहती थी। मेरा दिल पूरी तरह से भौतिक सुखों में डूब गया था और मैं अपने भक्तिमय कार्यों या पवित्रशास्त्र को पढ़ने से ज़्यादा समय उस तरह के कार्यों में लगाती थी। कुछ समय बाद, मैं उस बिंदु पर पहुँच गयी जहाँ मेरी बाइबल पढ़ने की इच्छा निरंतर कम होने लगी, और मैं कलीसिया की सेवाओं में जाने की भी बहुत इच्छुक नहीं थी। मुझे पता था कि प्रभु इस तरह का व्यवहार पसंद नहीं करते हैं, इसलिए मैं पतन के उस रास्ते पर बढ़ना जारी नहीं रखने के प्रयास में, स्वयं को बाइबल पढ़ने और ऑनलाइन प्रवचन ढूंढने के लिए मजबूर करने लगी। भले ही मैं अपनी योजना पर अड़ी हुई थी, लेकिन मैं दिल से इसका आनंद नहीं ले रही थी, और मेरा जीवन प्रभु के वचनों से दूर होता चला गया। इस बारे में मैंने अपनी कलीसिया के दोस्तों से बात की, लेकिन सभी ने बस यही कहा कि जब तक मैं ज़्यादा प्रार्थना करती रहूंगी, प्रभु मुझ पर दया और प्रेम दिखाएंगे, वह मेरे पाप क्षमा करेंगे। मुझे उनके उत्तरों से कोई राहत नहीं मिली क्योंकि बाइबल में बहुत स्पष्ट रूप से बताया गया है: “सबसे मेल मिलाप रखो, और उस पवित्रता के खोजी हो जिसके बिना कोई प्रभु को कदापि न देखेगा” (इब्रानियों 12:14)। “क्योंकि सच्‍चाई की पहिचान प्राप्‍त करने के बाद यदि हम जान बूझकर पाप करते रहें, तो पापों के लिये फिर कोई बलिदान बाकी नहीं” (इब्रानियों 10:26)। यदि सभी के कहेनुसार, प्रभु हमें तब तक असीमित रूप से क्षमा करते रहेंगे जब तक हम उनसे प्रार्थना करते रहते हैं, तो बाइबल यह क्यों कहती है कि यदि हम सत्य का ज्ञान प्राप्त करने के बाद भी पाप करते हैं, तो पापों के लिए और कोई बलिदान बाकी नहीं रहेगा? पापों के बलिदान के बिना हम स्वर्ग के राज्य में कैसे प्रवेश कर सकते हैं? मुझे न इन सवालों का सिर समझ आ रहा था न पैर। मैं अक्सर इसे लेकर व्यथित रहती थी और प्रभु से प्रार्थना करती थी, “हे प्रभु, मैं निरंतर पाप करने और फिर उन पापों को स्वीकार करने की स्थिति में जी रही हूँ; मैं बहुत परेशान हूँ पाप से बचने के लिए मैं क्या कर सकती हूँ? मुझे इसका जवाब कहाँ मिल सकता है? प्रभु, कृपया मुझे बताएं कि इसमें आपकी क्या इच्छा है! आमीन।”

परमेश्वर का उद्धार,परमेश्वर की इच्छा

फिर जनवरी 2018 में, मैं चीन की कुछ बहनों से ऑनलाइन मिली, उनके साथ बातचीत करके पता चला कि वे बहुत ही धर्मनिष्ठ ईसाई हैं। हमने विश्वास के बारे में सब प्रकार की बातें की और बातचीत की एक अवधि के बाद मैं खुद को उनके बहुत करीब महसूस करने लगी, मुझे लगा कि हम वास्तव में एक दूसरे से दिल खोल कर बातें कर सकते हैं। वे भी अपने जीवन में बहुत समर्पित थीं और बाइबल के बारे में उनकी अद्वितीय समझ और अंतर्दृष्टि थी। उनकी संगति वाकई रोशन करने वाली और आनंददायक थी—मुझे उनके साथ पवित्रशास्त्र के बारे में प्रलाप करना बहुत पसंद था। “मैं पाप से बचने का एक मार्ग पा लिया है”पढ़ना जारी रखें

मसीही जीवन: हम कैसे पाप से छुटकारा पाकर स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकते हैं?

परमेश्वर का उद्धार,परमेश्वर की इच्छा

यदि हमारे पाप क्षमा कर दिए जाते हैं तो क्या हम स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकते हैं?

एक ईसाई होने के नाते, पाप एक ऐसी चीज़ है जिससे मैं बहुत ही अच्छे से परिचित हूँ। यह हर दिन मेरे आसपास मंडराता है, यह हमेशा करीब रहता है, और मैं इससे छुटकारा नहीं पा सकती हूँ! निरंतर पाप करने और स्वीकारने का चक्र मुझे हमेशा परेशान करता था, क्योंकि अगर प्रभु कभी लौट आए, तो क्या मैं इस तरह स्वर्ग के राज्य में प्रवेश पा सकती हूँ? अपनी पीड़ा में, मैंने पौलुस के शब्दों के बारे में सोचा, “परमेश्‍वर के चुने हुओं पर दोष कौन लगाएगा? परमेश्‍वर ही है जो उनको धर्मी ठहरानेवाला है। फिर कौन है जो दण्ड की आज्ञा देगा?” (रोमियों 8:33-34)। “अत: अब जो मसीह यीशु में हैं, उन पर दण्ड की आज्ञा नहीं” (रोमियों 8:1)। हाँ, मैं प्रभु के चुने हुओं में से एक हूँ, प्रभु ने पहले ही मेरे सभी पापों को क्षमा कर दिया है, चाहे वे अतीत के पाप हों, वर्तमान के हों या भविष्य के, वह उन सभी को क्षमा करते हैं। वह अब मुझे पापी के रूप में नहीं देखते, और जब प्रभु आएंगे, तो मैं स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकूँगी! “मसीही जीवन: हम कैसे पाप से छुटकारा पाकर स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकते हैं?”पढ़ना जारी रखें

प्रभु यीशु के पुनरागमन के दो तरीके हैं: क्‍या आप जानते हैं?

झोऊ जिंग

एक दिन मैंने ऑनलाइन एक जानदार चर्चा होते देखी; लोग कह रहे थे कि पश्चिमी गोलार्ध में रात में दिखाई दे रहे चार रक्तिम चंद्रमा अंत समय की चेतावनी है, और बड़े भूकंप पूरे विश्व में अक्सर हो रहे हैं। मैंने मन में सोचा, “चार रक्तिम चन्द्रमा पहले ही दिख चुके हैं, खगोलीय घटनाएँ सामने आई हैं, पूरी दुनिया में अक्सर आपदाएँ हो रही हैं, आतंकवादी घटनाएं बढ़ रही हैं, युद्ध लगातार हो रहे हैं…। सभी संकेत बताते हैं कि प्रभु की वापसी की भविष्यवाणियां मूल रूप से पूरी हो चुकी हैं, तो मैंने उन्हें हमसे मिलने के लिए एक बादल पर नीचे आते हुए क्यों नहीं देखा? क्या प्रभु अभी तक वापस नहीं आये या वे वापस आ गये हैं, लेकिन मैंने उन्हें नहीं देखा है? मैं उनकी वापसी का स्वागत कैसे कर सकती हूँ?” इस उलझन ने मेरे दिल को चारों ओर से घेर लिया और मैं चकरा-सी गयी। इस मुद्दे पर कुछ स्पष्टता प्राप्त करने की कोशिश करते हुए, मैं प्रभु से प्रार्थना करने लगी, मैंने उनसे मुझे प्रबोधन देने और मार्गदर्शन करने के लिए कहा ताकि मैं उनकी वापसी का स्वागत करने में सक्षम हो जाऊं और उनके द्वारा दरकिनार न की जाऊं।

कुछ समय के बाद, बहन गान, जिन्हें मैंने कुछ महीनों से नहीं देखा था, वे मुझसे मिलने आयीं; मुझे पता था कि यह प्रभु द्वारा व्यवस्थित किया गया है। बहन गान कई वर्षों से प्रभु के लिए काम कर रहीं थीं और वह एक विचारशील, व्यावहारिक महिला थीं। मैंने सोचा कि वह मेरी इस समस्या को हल करने में सक्षम हो सकती हैं, इसलिए मैंने कहा, “बहन गान, मैं किसी बात को लेकर उलझन में हूँ जिसे मैं समझना चाहूंगी। बाइबल में लिखा है, ‘तब वे मनुष्य के पुत्र को सामर्थ्य और बड़ी महिमा के साथ बादल पर आते देखेंगे‘ (लूका 21:27)। ‘देखो, वह बादलों के साथ आनेवाला है, और हर एक आँख उसे देखेगी, वरन् जिन्होंने उसे बेधा था वे भी उसे देखेंगे, और पृथ्वी के सारे कुल उसके कारण छाती पीटेंगे। हाँ। आमीन‘ (प्रकाशितवाक्य 1:7)। यह कहा गया है कि जब प्रभु आयेंगे, तो वह बड़ी महिमा और सामर्थ्य के साथ बादल पर सवार होकर नीचे आएंगे; वह खुलकर प्रकट होंगे और हर कोई उन्हें देख सकेगा। इसलिए, स्वर्ग में ले जाए जाने के लिए हम हमेशा से प्रतीक्षा करते रहे हैं कि वे एक बादल पर सवार होकर आयेंगे। दुनिया भर में अब लगातार आपदाएं, भूकंप, अकाल और युद्धों के लगातार प्रकोप के साथ ही बहुत सी खगोलीय घटनाएं हो रही हैं। सभी संकेत बताते हैं कि प्रभु की वापसी की भविष्यवाणियां मूल रूप से पूरी हो चुकी हैं, तो ऐसा क्यों है कि हमने अभी भी उन्हें हमसे मिलने के लिए एक बादल पर नीचे आते हुए नहीं देखा है? आखिर बात क्या है?”

बहन गान ने मेरी बात सुनी और थोड़ा सोचने के बाद कहा, “आपका यह सवाल कुछ ऐसा है जिसे प्रभु के दूसरे आगमन का स्वागत करने की आशा रखने वाले हम सभी लोग समझना चाहते हैं। अगर हम उनकी वापसी का स्वागत करना चाहते हैं, तो पहले हमें यह जानना होगा कि अंत के दिनों में प्रभु वास्तव में कैसे आएंगे—यह महत्वपूर्ण है! वास्तव में, बाइबल में प्रभु के आने के एक और तरीके के बारे में भी भविष्यवाणियां हैं, वे केवल एक बादल पर नहीं आयेंगे जैसा कि आपने उल्लेख किया है। उदाहरण के लिए, प्रकाशितवाक्य 16:15 में लिखा है: ‘देख, मैं चोर के समान आता हूँ।’ और प्रकाशितवाक्य 3:3 में यह कहा गया है ‘यदि तू जागृत न रहेगा तो मैं चोर के समान आ जाऊँगा, और तू कदापि न जान सकेगा कि मैं किस घड़ी तुझ पर आ पड़ूँगा।‘ तथा मत्ती 24:44: ‘इसलिये तुम भी तैयार रहो, क्योंकि जिस घड़ी के विषय में तुम सोचते भी नहीं हो, उसी घड़ी मनुष्य का पुत्र आ जाएगा।’ यह भविष्यवाणियाँ बताती है कि वह एक चोर के समान गुप्त रूप से आयेंगे और किसी को पता नहीं चलेगा। बहन, उन शास्त्रों पर एक नज़र डालें, जिनके बारे में हमने अभी बात की है: कुछ स्थानों पर यह कहा गया है कि प्रभु एक बादल पर खुले आम लौटेंगे, कुछ स्थानों पर यह कहा गया है कि वह गुप्त रूप से आयेंगे और किसी को पता नहीं चलेगा। क्या हमने कभी इस बारे में सोचा है? प्रभु की वापसी, इस एक ही चीज़ के बारे में भविष्यवाणियाँ अलग-अलग बातें क्यों कहेंगी?”

जो कुछ उन्होंने कहा, वह मैं अच्छे से समझ नहीं पाई और मैंने मन में सोचा, “बात तो सही है। प्रकाशितवाक्य 1:7 कहा गया है ‘देखो, वह बादलों के साथ आनेवाला है, और हर एक आँख उसे देखेगी, वरन् जिन्होंने उसे बेधा था वे भी उसे देखेंगे,’ लेकिन प्रकाशितवाक्य 16:15 कहता है ‘देख, मैं चोर के समान आता हूँ।’ इसका क्या मतलब है? प्रभु वास्तव में कैसे आएंगे?”

बाइबल की भविष्यवाणी,प्रभु की वापसी

उलझन में, मैंने बहन गान को जवाब दिया, “इनमें से कुछ भविष्यवाणियों का कहना है कि प्रभु सबके सामने नीचे आएंगे, जबकि कुछ का कहना है कि वह गुप्त रूप से आएंगे। ये विरोधाभासी प्रतीत होते हैं, लेकिन मुझे पता है कि परमेश्वर के वचनों में कोई गलती नहीं होती, बात बस ये है कि मैं अभी ये समझती नहीं हूँ। कृपया इस पर मेरे साथ थोड़ी संगति करें।”

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क्या कोई आसमान को तक कर प्रभु का स्वागत कर सकता है?

यंग शाओ, द्वारा।

नाश्‍ते के बाद, विवाहित दम्‍पति झोंग शेंग और शेन हुआ एक पहाड़ी पगडंडी पर चहलकदमी करने गए। शेन हुआ ने आकाश में श्वेत बादलों को नज़र उठा कर देखा और आह भरते हुए कहा, “हम इस पहाड़ी पर वर्षों से आसमान को तकते हुए सैर करते रहे हैं, लेकिन हमने कभी भी प्रभु यीशु को किसी भी बादल पर नहीं देखा। अब हम अंत के दिनों में हैं, आपदाओं का अनुपात बढ़ता जा रहा है, और हम अभी भी प्रभु का स्वागत नहीं कर पाए हैं। इससे मुझे चिंता होती है।”

झोंग शेंग ने इस पर थोड़ा अरसा गौर करने के बाद कहा, “बरसों से हमने सुबह और शाम प्रार्थना की है, और कलीसिया 24 घंटों की पाली में चौकसी और प्रार्थना करती है। कलीसिया ने एक बुर्ज भी बनाया है ताकि लोग आसमान को ताक कर प्रभु के वापिस लौटने की आशापूर्वक प्रतीक्षा कर सकें, लेकिन हमने अभी तक प्रभु का स्‍वागत नहीं किया है। मुझे तो अब संदेह हो रहा है कि हमारी प्रथा कहीं गलत तो नहीं। हाल ही में मैंने दूसरे शहर में सहकर्मियों की एक बैठक में शिरकत की थी और मैंने एक बहुत बढ़िया खबर सुनी। सहकर्मी लियू ने कहा कि प्रभु पहले ही लौट आए हैं और मनुष्य को बचाने के लिए कई सत्‍य व्‍यक्‍त कर रहे हैं। उन्‍होंने हमें परमेश्‍वर के कुछ वचन भी पढ़ कर सुनाए, और मैंने यह महसूस किया कि उन वचनों में बल और सामर्थ्‍य था, मानो कि सृजनकर्ता स्‍वयं ही हमसे बात कर रहे हों, और मैंने सोचा…।”

बाइबल,बाइबिल की भविष्यवाणी,यीशु का दूसरा आगमन

उन्हें उनकी बात पूरी करने दिए बिना, शेन हुआ ने ठिठक कर टोका, “क्या? प्रभु यीशु लौट आए हैं? बाइबल में यह साफ तौर पर कहा गया है, ‘हे गलीली पुरुषों, तुम क्यों खड़े स्वर्ग की ओर देख रहे हो? यही यीशु, जो तुम्हारे पास से स्वर्ग पर उठा लिया गया है, जिस रीति से तुम ने उसे स्वर्ग को जाते देखा है उसी रीति से वह फिर आएगा’ (प्रेरितों के काम 1:11)। ‘तब मनुष्य के पुत्र का चिन्ह आकाश में दिखाई देगा, और तब पृथ्वी के सब कुलों के लोग छाती पीटेंगे; और मनुष्य के पुत्र को बड़ी सामर्थ्य और ऐश्वर्य के साथ आकाश के बादलों पर आते देखेंगे‘ (मत्ती 24:30)। जब प्रभु आएंगे तो वे बादलों पर महान शोभा के साथ आएँगे और सभी उन्‍हें देख सकेंगे। हमने उन्‍हें अभी तक बादलों पर आते हुए नहीं देखा है, तो आप कैसे कह सकते हैं कि वे लौट आए हैं?”

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Christian Choir Song | “राज्य गान: राज्य जगत में अवतरित होता है” | विस्‍तारित प्रीव्‍यू

Christian Choir Song | “राज्य गान: राज्य जगत में अवतरित होता है” | विस्‍तारित प्रीव्‍यू

जोशीला राज्य-गान गूँज चुका है, जो पूरी कायनात में लोगों के मध्य परमेश्वर के आगमन का ऐलान कर रहा है! परमेश्वर का राज्य आ चुका है! सभी लोग प्रसन्न हैं, हर चीज़ आनंदित है! पूरे स्वर्ग में हर चीज़ उमंग में है। उल्लास के ये कौन से मोहक दृश्य हैं?

इंसानों के मध्य, जो कष्ट में जीता है और जिसने हज़ारों साल तक शैतान की भ्रष्टता को झेला है, उसमें से परमेश्वर के आगमन की लालसा, परमेश्वर के आगमन की तड़प, किसके अंदर नहीं है? समस्त युगों में, शैतान के प्रभाव में, परमेश्वर के कितने विश्वासियों और अनुयायियों ने कष्ट, मुसीबतें, उत्पीड़न और अलगाव को सहा है? किसे आशा नहीं है कि परमेश्वर के राज्य का आगमन शीघ्र होगा? मानवता के सुख-दुख का स्वाद लेकर, इंसानों में ऐसा कौन है जो नहीं चाहता कि इंसानों के बीच सत्य और धार्मिकता की सत्ता कायम हो?

जब परमेश्वर का राज्य आएगा, तो अंतत: सभी राष्ट्रों और लोगों द्वारा चिर-प्रतीक्षित दिवस का आगमन होगा! ऐसे समय में, धरती और स्वर्ग में सभी चीज़ों के मध्य कैसा दृश्य होगा? राज्य में जीवन कितना सुंदर होगा? “राज्य गान: राज्य जगत में अवतरित होता है,” के साथ सहस्राब्दी की प्रार्थना साकार होगी!

स्रोत: यीशु मसीह का अनुसरण करते हुए

आइए यीशु मसीह का दूसरा आगमन का स्वागत करें और 2,000 साल की प्रतीक्षा का अंत करें। अभी पढ़ें।

Hindi Christian Movie “वे कौन हैं जो वापस आए हैं” क्लिप 2 – सच्चे मसीह और झूठे मसीहों में अंतर कैसे करें 2

Hindi Christian Movie “वे कौन हैं जो वापस आए हैं” क्लिप 2 – सच्चे मसीह और झूठे मसीहों में अंतर कैसे करें 2

बहुत से लोग अब गवाही देते हैं कि प्रभु यीशु सर्वशक्तिमान परमेश्वर के रूप में लौट आया है और वर्तमान में परमेश्वर के घर से आरंभ होने वाला अपना न्याय का कार्य कर रहा है। साथ ही, बहुत से लोग स्वयं को प्रभु यीशु की वापसी के रूप में प्रकट कर रहे हैं। वे बाइबल की ग़लत व्याख्याओं पर, भविष्यवाणियों की व्याख्याओं पर भरोसा करते हैं और लोगों को भ्रमित करने के लिए चमत्कार और अद्भुत काम करके दिखाते हैं और उनमें से कुछ ने तो कई किताबें भी लिखी हैं। तो हम झूठे मसीहों के दुष्ट सार को कैसे समझें और उन्हें बेक़ार समझ कर छोड़ें ? और हम मसीह के सार को कैसे जानें और दूल्हे का स्वागत करने वाली बुद्धिमान कुँवारी जैसे कैसे बनें? यह लघु फिल्म आपको सच्चे मसीह और झूठे मसीहों में अंतर करने से संबंधित सच्चाई के पहलू को समझने देगी, ताकि आप प्रभु यीशु की वापसी का स्वागत कर सकें।

स्रोत: यीशु मसीह का अनुसरण करते हुए

परमेश्वर के वचनों ने राज़ प्रकट कर दिया है। प्रभु यीशु के बारे में और जानने के लिए अभी पढें।

बाइबल अध्ययन खण्ड, बाइबल के पदों के बारे में ईसाइयों की शुद्ध समझ को आपके साथ साझा करता है, यह आपको बाइबल की गहराई में जाने और परमेश्वर की इच्छा को समझने में मदद करता हैI

Hindi Christian Movie “वे कौन हैं जो वापस आए हैं” क्लिप 1 – सच्चे मसीह और झूठे मसीहों में अंतर कैसे करें 1

Hindi Christian Movie “वे कौन हैं जो वापस आए हैं” क्लिप 1 – सच्चे मसीह और झूठे मसीहों में अंतर कैसे करें 1

अब हम अंत के दिनों के आखिरी दौर में हैं और परमेश्वर की वापसी के बारे में बाइबल में दी गईं सभी भविष्यवाणियाँ अब पूरी हो चुकी हैं। क्योंकि बाइबल की भविष्यवाणियाँ कहती हैं कि अंत के दिनों में झूठे मसीह होंगे, इसलिए, बहुत से लोग अपने दरवाजे बंद कर लेते हैं और खुद को अपने तक सीमित रखते हैं। यहाँ तक कि यदि वे किसी से यह सुन भी लेते हैं कि प्रभु वापस आ गया है, तो भी वे जाकर खोज या जाँच नहीं करते हैं, और इसके अलावा वे मानते हैं कि जो कोई भी यह कहता है कि प्रभु देह में लौट आया है वह झूठा और कपटी है। हम बुद्धिमान कुँवारियों जैसे कैसे बनें, जो परमेश्वर की वाणी को सुनती हैं और खुशी से परमेश्वर की वापसी का स्वागत करती हैं? यह लघु फिल्म आपको सच्चे मसीह और झूठे मसीहों में अंतर करने से संबंधित सच्चाई के पहलू को समझने देगी, ताकि आप प्रभु यीशु की वापसी का स्वागत कर सकें।

स्रोत: यीशु मसीह का अनुसरण करते हुए

परमेश्वर का वचन खण्ड, आपके साथ परमेश्वर के नवीनतम कथनों को साझा करता है और परमेश्वर को बेहतर तरीके से जानने में ईसाइयों की मदद करता हैI

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मसीह के दिव्य तत्व को कोई कैसे जान सकता है?

प्रभु यीशु को जानें, मसीह

संदर्भ के लिए बाइबल के पद:
“यीशु ने उससे कहा, ‘मार्ग और सत्य और जीवन मैं ही हूँ’ ‘ये बातें जो मैं तुम से कहता हूँ, अपनी ओर से नहीं कहता, परन्तु पिता मुझ में रहकर अपने काम करता है। मेरा विश्‍वास करो कि मैं पिता में हूँ और पिता मुझ में है; नहीं तो कामों ही के कारण मेरा विश्‍वास करो‘” (यूहन्ना 14:6, 10-11)।

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
“ऐसी बात का अध्ययन करना कठिन नहीं है, परंतु हम में से प्रत्येक के लिए इस सत्य को जानने की अपेक्षा की जाती है: जो देहधारी परमेश्वर है, वह परमेश्वर का सार धारण करेगा, और जो देहधारी परमेश्वर है, वह परमेश्वर की अभिव्यक्ति धारण करेगा। चूँकि परमेश्वर देहधारी हुआ, वह उस कार्य को प्रकट करेगा जो उसे अवश्य करना चाहिए, और चूँकि परमेश्वर ने देह धारण किया, तो वह उसे अभिव्यक्त करेगा जो वह है, और मनुष्यों के लिए सत्य को लाने के समर्थ होगा, मनुष्यों को जीवन प्रदान करने, और मनुष्य को मार्ग दिखाने में सक्षम होगा। जिस शरीर में परमेश्वर का सार नहीं है, निश्चित रूप से वह देहधारी परमेश्वर नहीं है; इस बारे में कोई संदेह नहीं है। यह पता लगाने के लिए कि क्या यह देहधारी परमेश्वर है, मनुष्य को इसका निर्धारण उसके द्वारा अभिव्यक्त स्वभाव से और उसके द्वारा बोले वचनों से अवश्य करना चाहिए। कहने का अभिप्राय है, कि वह परमेश्वर का देहधारी शरीर है या नहीं, और यह सही मार्ग है या नहीं, इसे परमेश्वर के सार से तय करना चाहिए। और इसलिए, यह निर्धारित करने[क] में कि यह देहधआरी परमेश्वर का शरीर है या नहीं, बाहरी रूप-रंग के बजाय, उसके सार (उसका कार्य, उसके वचन, उसका स्वभाव और बहुत सी अन्य बातें) पर ध्यान देना ही कुंजी है। यदि मनुष्य केवल उसके बाहरी रूप-रंग को ही देखता है, उसके तत्व की अनदेखी करता है, तो यह मनुष्य की अज्ञानता और उसके अनाड़ीपन को दर्शाता है।” “मसीह के दिव्य तत्व को कोई कैसे जान सकता है?”पढ़ना जारी रखें

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