“फिर मैं ने दृष्टि की, और देखो, वह मेम्ना सिय्योन पहाड़ पर खड़ा है, और उसके साथ एक लाख चौवालीस हज़ार जन हैं, जिनके माथे पर उसका और उसके पिता का नाम लिखा हुआ है। और स्वर्ग से मुझे एक ऐसा शब्द सुनाई दिया जो जल की बहुत धाराओं और बड़े गर्जन का सा शब्द था, और जो शब्द मैं ने सुना वह ऐसा था मानो वीणा बजानेवाले वीणा बजा रहे हों। वे सिंहासन के सामने और चारों प्राणियों और प्राचीनों के सामने एक नया गीत गा रहे थे। उन एक लाख चौवालीस हज़ार जनों को छोड़, जो पृथ्वी पर से मोल लिये गए थे, कोई वह गीत न सीख सकता था। ये वे हैं जो स्त्रियों के साथ अशुद्ध नहीं हुए, पर कुँवारे हैं; ये वे ही हैं कि जहाँ कहीं मेम्ना जाता है, वे उसके पीछे हो लेते हैं; ये तो परमेश्वर के निमित्त पहले फल होने के लिये मनुष्यों में से मोल लिए गए हैं” (प्रकाशितवाक्य 14:1-4)।
परमेश्वर कहते हैं, “जिन्हें आपदा से पहले पूर्ण किया जाता है वे परमेश्वर के प्रति आज्ञाकारी होते हैं। वे मसीह पर निर्भर होकर जीते हैं, मसीह की गवाही देते हैं, और उसकी जय करते हैं। वे मसीह के विजयी मर्द बच्चे और अच्छे सैनिक हैं” (आरम्भ में मसीह के कथन के “अध्याय 13”)।
“जिन लोगों का उल्लेख परमेश्वर ‘विजेताओं’ के रूप में करता है, वे लोग वे होते हैं, जो तब भी गवाह बनने और परमेश्वर के प्रति अपना विश्वास और भक्ति बनाए रखने में सक्षम होते हैं, जब वे शैतान के प्रभाव और उसकी घेरेबंदी में होते हैं, अर्थात् जब वे स्वयं को अंधकार की शक्तियों के बीच पाते हैं। यदि तुम, चाहे कुछ भी हो जाए, फिर भी परमेश्वर के समक्ष पवित्र दिल और उसके लिए अपना वास्तविक प्यार बनाए रखने में सक्षम रहते हो, तो तुम परमेश्वर के सामने गवाह बनते हो, और इसी को परमेश्वर ‘विजेता’ होने के रूप में संदर्भित करता है” (“तुम्हें परमेश्वर के प्रति अपनी भक्ति बनाए रखनी चाहिए”)।
स्रोत: यीशु मसीह का अनुसरण करते हुए
आज का बाइबल पाठ को पढ़ने से आपको कठिनाई का सामना करने और अभ्यास के मार्ग का पता लगाने में परमेश्वर की इच्छा को जानने में मदद मिलती है।
