प्रभु के साथ पुनर्मिलन: मुझे अंतत: “वर्षा युक्त नगर” मिल गया

एन्दाई, दक्षिण कोरिया

संपादक की टिप्पणी

अपनी कलीसिया की उजाड़ता के कारण वो सदा एक ऐसी कलीसिया की तलाश में रहती थी जहाँ पवित्र आत्मा का कार्य हो। अब उसे अंतत: एक वर्षा युक्त नगर मिल गया और उसने जीवन-जल की आपूर्ति पा लिया।

प्रभु से पहली बार मुलाकात होती है और मैं शांति और आनंद का अनुभव करती हूँ

2010 में, मैं अपने पति के साथ दक्षिण कोरिया चली आई। हमारे घर के पास की एक कलीसिया में मैं प्रभु यीशु पर विश्वास करने लगी। सभाओं में, पादरी अक्सर “क्रूस के उद्धार” और “परमेश्वर दुनिया के लोगों से प्यार करता है” के मार्ग का प्रचार करते थे, और प्रभु यीशु के महान प्रेम से मेरे दिल में गहरी प्रेरणा उत्पन्न होती थी। जब भी मैं प्रभु से प्रार्थना करती थी, मुझे लगता कि जैसे वह ठीक मेरे बगल में है, और मेरा दिल शांति और सुरक्षा की भावनाओं से भर जाता था। उस समय, मैं पादरी के उपदेशों को सुनने के लिए हर हफ्ते, समय पर कलीसिया में उपस्थित होता थी, मैं हर दिन ईमानदारी से बाइबल पढ़ती थी, और एक साल के भीतर पूरी किताब को समाप्त करने में कामयाब रही। मैंने प्रभु यीशु की भविष्यवाणियां पढ़ीं कि वे अंत के दिनों में हमें स्वर्गिक राज्य में ले जाने के लिए वापस आयेंगे, इसलिए मैं आशा करने लगी कि मैं अपने जीवनकाल में ही प्रभु की वापसी का स्वागत कर पाऊँ। “प्रभु के साथ पुनर्मिलन: मुझे अंतत: “वर्षा युक्त नगर” मिल गया”पढ़ना जारी रखें

मुझे परमेश्‍वर के लिंग भेद के विषय में एक नई समझ मिली

फ़िलीपीन्स निवासी ‘वेई ना’ द्वारा

प्‍यारे भाइयो और बहनो, में वेई ना हूँ और मैं आपको बताना चाहती कि मैंने प्रभु यीशु की वापसी का स्‍वागत कैसे किया। प्रभु में अपने कई भाई बहनों की तरह ही, मेरे सबसे बड़ी इच्‍छा यह थी कि प्रभु आएँ और मुझे स्‍वर्ग के राज्‍य में आरोहित करें। तब भी, हाल ही के वर्षों में, मैंने यह महसूस किया कि मैं प्रभु से बहुत दूर थी; मैं कलीसिया में आराधना करते समय उनकी उपस्थिति का महसूस नहीं कर पा रही थी, और घर पर बाइबल पढ़ते समय सुस्‍ती अनुभव करती थी। ऐसी किसी कलीसिया को पाने के लिए जहाँ पवित्र आत्‍मा का कार्य हो, मैं एक-के-बाद-एक कई कलीसियाओं में गई, लेकिन वहाँ के पादरियों के उपदेश उन्‍हीं पुरानी बातों से भरे पड़े थे—बाइबल की जानकारी और दर्शनसिद्धांत—जो मेरे आध्‍यात्मिक जीवन को जीवनाधार देने में असफल रहे। इस कारण मैं खोई हुई, अंदर से खाली और अकेली रह गई। इसलिए, मैंने परमेश्‍वर से बारम्‍बार प्रार्थना की।

उसके बाद, एक दिन, गूगल पर मेरी नज़र सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर की कलीसिया की वेबसाईट पर पड़ी। उत्‍सुकतावश, मैंने उस वेबसाईट को खोला और पाया की उस पर मौजूदा जानकारी अतिसमृद्ध थी, जिसमें परमेश्‍वर के वचन, भजन, फिल्‍में, एम वी, और ऐसी कई सामग्री थी। उसने वाकई मेरी आँखें खोल दी। खास तौर पर, सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर के वचनों ने मुझे बहुत लाभ पहुँचाया और उत्‍साहित किया; जितना अधिक मैंने इन वचनों को पढ़ा, उतना ही अधिक मैं प्रेरित होती गई। इसलिए, आने वाले कई दिनों में, जैसे ही मुझे समय मिलता मैं सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर के वचनों को पढ़ती, जिससे मैंने कई सत्‍य समझे जो मैंने कभी अपनी कलीसिया में नहीं सुने थे। इसलिए, प्रभु के साथ मेरा रिश्‍ता धीरे-धीरे घनिष्‍ठ होता गया, और मैं सदा पवित्रात्‍मा के द्वारा द्रवित होती रही, और अपने हृदय में पूरी तरह परिपूर्ण महसूस करती रही। मैं उस भावना में खो गई, जब मैंने प्रभु में पहले विश्‍वास करना प्रारंभ किया था। “मुझे परमेश्‍वर के लिंग भेद के विषय में एक नई समझ मिली”पढ़ना जारी रखें

क्या आप परमेश्वर के एक सच्चे विश्वासी हैं?

शायद परमेश्वर में आपके विश्वास की यात्रा एक या दो वर्ष से अधिक की रही हो, और शायद इन वर्षों में आपने बहुत सी कठिनाइयों को झेला हो; या शायद आप कठिनाइयों से गुज़रे ही न हों और इसके बजाय आपने अत्यधिक अनुग्रह प्राप्त किया हो। ऐसा भी हो सकता है कि आपने न तो कठिनाइयों का और न ही अनुग्रह का अनुभव किया हो, बल्कि इसके बजाए बहुत ही साधारण जीवन व्यतीत किया हो। चाहे जैसा भी हो, फिर भी आप परमेश्वर के एक अनुयायी हैं, इसलिए आइए उसका अनुसरण करने के बारे में संगति करें। हालाँकि, मैं उन सभी को जो इन वचनों को पढ़ते हैं यह याद दिलाना चाहता हूँ कि परमेश्वर का वचन उन सभी की ओर निर्देशित है जो परमेश्वर को स्वीकार करते हैं और उसका अनुसरण करते हैं, परमेश्वर को स्वीकार नहीं करने वाले लोगों सहित, सामान्य रूप से सभी लोगों की ओर नहीं। यदि आप यह मानते हैं कि परमेश्वर बड़ी संख्या में लोगों से, संसार के सभी लोगों से बात कर रहा है, तो आपके जीवन पर परमेश्वर के वचन का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसलिए, आप को इन सभी वचनों को अपने हृदय के करीब रखना चाहिए, और अपने आप को उनके प्रभाव से बाहर नहीं रखें। बहरहाल, आइए हमारे घर में क्या हो रहा है उस पर बात करें। “क्या आप परमेश्वर के एक सच्चे विश्वासी हैं?”पढ़ना जारी रखें

Hindi Christian Movie “भक्ति का भेद – भाग 2” क्लिप 1 – प्रभु जब फिर से आयेंगे तो मानव के सामने कैसे प्रकट होंगे?

Hindi Christian Movie “भक्ति का भेद – भाग 2” क्लिप 1 – प्रभु जब फिर से आयेंगे तो मानव के सामने कैसे प्रकट होंगे?

प्रभु यीशु के पुनर्जीवित होने और स्वर्ग में आरोहित होने के बाद, सदियों से हम विश्वासी उद्धारक यीशु की वापसी के लिए व्यग्रता से तड़प रहे हैं। ज्यादातर लोगों का मानना है कि प्रभु के लौटने पर पुनर्जीवित यीशु का आध्यात्मिक शरीर ही हमारे सामने प्रकट होगा। लेकिन परमेश्वर अंत के दिनों में मनुष्य के पुत्र के रूप में देहधारण करके लोगों के बीच क्यों प्रकट हुए हैं? सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: “यदि परमेश्वर देह नहीं बना होता, तो वह ऐसा पवित्रात्मा बना रहता जो मनुष्यों के लिए अदृश्य और अमूर्त होता। मनुष्य देह वाला प्राणी है, और मनुष्य और परमेश्वर दो अलग-अलग संसारों से सम्बन्धित हैं, और स्वभाव में भिन्न हैं। परमेश्वर का आत्मा देह वाले मनुष्य से बेमेल है, और उनके बीच कोई सम्बन्ध स्थापित नहीं किया जा सकता है; इसके अतिरिक्त, ……” “केवल देह बनने के माध्यम से ही वह व्यक्तिगत रूप से अपने वचनों को सभी के कानों तक पहुँचा सकता है ताकि वे सभी जिनके पास कान हैं उसके वचनों को सुन सकें और वचन के द्वारा न्याय के उसके कार्य को प्राप्त कर सकें। उसके वचन के द्वारा प्राप्त किया गया परिणाम सिर्फ ऐसा ही है……”

आइए यीशु मसीह का दूसरा आगमन का स्वागत करें और 2,000 साल की प्रतीक्षा का अंत करें। अभी पढ़ें।

परमेश्वर के वचनों ने राज़ प्रकट कर दिया है। प्रभु यीशु के बारे में और जानने के लिए अभी पढें।

 

Hindi Christian Video “कितनी सुंदर वाणी।” क्लिप 1 – प्रभु यीशु के पुनरागमन की भविष्‍यवाणियां कैसे सच होती हैं?

Hindi Christian Video “कितनी सुंदर वाणी।” क्लिप 1 – प्रभु यीशु के पुनरागमन की भविष्‍यवाणियां कैसे सच होती हैं?

धार्मिक मंडलियों में कई लोग प्रभु के बादलों पर सवार होकर नीचे उतरने की भविष्‍यवाणी से चिपके रहकर यह प्रतीक्षा कर रहे हैं कि प्रभु इस तरीके से आकर उन्‍हें स्‍वर्ग के राज्‍य में आरोहित करेंगे, लेकिन वे प्रभु के गुप्‍त आगमन की भविष्‍यवाणियों को अनदेखा कर देते हैं: “देख, मैं चोर के समान आता हूँ” (प्रकाशितवाक्य 16:15)। (© BSI) “आधी रात को धूम मची: ‘देखो, दूल्हा आ रहा है! उससे भेंट करने के लिये चलो‘” (मत्ती 25:6)। (© BSI) तो प्रभु के पुनरागमन की ये भविष्‍यवाणियां कैसे पूरी होती हैं? और किस तरह हम प्रभु के लौटने का स्‍वागत करने वाली समझदार कुंवारियां बनें?

स्रोत: यीशु मसीह का अनुसरण करते हुए

बाइबल की भविष्यवाणी खण्ड, प्रभु की वापसी की भविष्यवाणियों—छुपी हुई भविष्यवाणियों, अंत के दिनों के न्याय की भविष्यवाणियों के साथ और भी बहुत कुछ उपलब्ध कराता है, और उन भविष्यवाणियों के पीछे के वास्तविक अर्थ की व्याख्या करता हैI

बाइबल अध्ययन खण्ड, बाइबल के पदों के बारे में ईसाइयों की शुद्ध समझ को आपके साथ साझा करता है, यह आपको बाइबल की गहराई में जाने और परमेश्वर की इच्छा को समझने में मदद करता हैI

 

Hindi Christian Movie “तड़प” क्लिप 1 – तो इस तरह लौटते हैं प्रभु

Hindi Christian Movie “तड़प” क्लिप 1 – तो इस तरह लौटते हैं प्रभु

बाइबल की इस भविष्यवाणी को बहुत-से विश्वासियों ने पढ़ा है: “मनुष्य के पुत्र को बड़ी सामर्थ्य और ऐश्‍वर्य के साथ आकाश के बादलों पर आते देखेंगे” (मत्ती 24:30)। उनका मानना है कि जब प्रभु लौटेंगे तो वे निश्चित रूप से बादल पर उतरेंगे, लेकिन बाइबल में अन्य भविष्यवाणियाँ भी हैं: “देख, मैं चोर के समान आता हूँ” (प्रकाशितवाक्य 16:15)। “आधी रात को धूम मची : ‘देखो, दूल्हा आ रहा है! उससे भेंट करने के लिये चलो‘” (मत्ती 25:6)। (© BSI) यह स्पष्ट है कि सबके सामने बादल पर उतरने की भविष्यवाणियों के अतिरिक्त ऐसी भी भविष्यवाणियाँ हैं कि प्रभु गुप्त रूप से आएंगे। तो उनकी वापसी के बारे में सच्चाई क्या है?

बाइबल की भविष्यवाणी खण्ड, प्रभु की वापसी की भविष्यवाणियों—छुपी हुई भविष्यवाणियों, अंत के दिनों के न्याय की भविष्यवाणियों के साथ और भी बहुत कुछ उपलब्ध कराता है, और उन भविष्यवाणियों के पीछे के वास्तविक अर्थ की व्याख्या करता हैI

बाइबिल के उपदेश आपको बाइबल की गहराई में जाने और परमेश्वर की इच्छा को समझने में मदद करता हैI

 

विजेता बनने के मानदंड क्या हैं?

जब विजेताओं का उल्लेख किया जाता है, तो प्रकाशितवाक्य की किताब में लिखी भविष्यवाणियां हमारे दिमाग में आती हैं: “फिर मैं ने दृष्‍टि की, और देखो, वह मेम्ना सिय्योन पहाड़ पर खड़ा है, और उसके साथ एक लाख चौवालीस हज़ार जन हैं, जिनके माथे पर उसका और उसके पिता का नाम लिखा हुआ है” (प्रकाशितवाक्य 14:1)। “ये वे हैं, जो उस महाक्लेश में से निकलकर आए हैं; इन्होंने अपने-अपने वस्त्र मेम्ने के लहू में धोकर श्‍वेत किए हैं” (प्रकाशितवाक्य 7:14)। यहाँ, शास्त्र में वर्णित संख्या 144,000 उनकी है जिन्हें परमेश्वर विजेता बनाना चाहते हैं। वे ऐसे विजेता हैं जो महान क्लेश के दौरान गवाही देते हैं, जो परमेश्वर द्वारा अनुमोदित हैं और स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने के योग्य हैं। प्रभु का हर विश्वासी एक विजेता बनने की लालसा रखता है, और यह वह लक्ष्य है जिसका हम पीछा करते हैं। कई भाई-बहन यह मानते हैं: हमने कई वर्षों तक प्रभु का अनुसरण किया है, जिसके दौरान हमने बहुत मेहनत की है, चीजों का त्याग किया है, स्वयं को व्यय किया है, सुसमाचार का प्रचार किया है, कलीसिया की चरवाही की है और इस पूरे समय के दौरान, हमने सांसारिक लोगों का मजाक और बदनामी और अपने रिश्तेदारों की गलतफहमी झेली है। अपनी ही सरकार द्वारा सताए जाने और गिरफ्तार किए जाने के बावजूद हम कभी पीछे नहीं हटते हैं। जब तक हम अंत तक इस तरह से प्रभु का अनुसरण करते हैं, हम विजेता बनेंगे।

बाइबल,सुसमाचार,ईसाई भक्तियाँ

वास्तव में, हमारी आस्था और मुसीबतें झेलने का संकल्प काबिल-ए-तारीफ है, लेकिन क्या “जब तक हम प्रभु के नाम को नहीं छोड़ते हैं, सब कुछ त्याग देते हैं, और प्रभु के लिए कड़ी मेहनत करते हैं, तो अंत में हम विजेता बन जाएंगे”, यह दृष्टिकोण हमारी समझ के अनुसार वास्तव में सही है? इस प्रश्न का जवाब देने के लिए हमें देखना चाहिए कि परमेश्वर के वचन क्या कहते हैं। प्रकाशितवाक्य की किताब में यह भविष्यवाणी की गयी है, “ये वे हैं जो स्त्रियों के साथ अशुद्ध नहीं हुए, पर कुँवारे हैं; ये वे ही हैं कि जहाँ कहीं मेम्ना जाता है, वे उसके पीछे हो लेते हैं; ये तो परमेश्‍वर के निमित्त पहले फल होने के लिये मनुष्यों में से मोल लिए गए हैं। उनके मुँह से कभी झूठ न निकला था, वे निर्दोष हैं” (प्रकाशितवाक्य 14:4-5), “ये वे हैं, जो उस महाक्लेश में से निकलकर आए हैं; इन्होंने अपने-अपने वस्त्र मेम्ने के लहू में धोकर श्‍वेत किए हैं” (प्रकाशितवाक्य 7:14)। परमेश्वर के वचन कहते हैं, “जिन लोगों को परमेश्वर जीतने वाले रूप में संदर्भित करता है ये वे लोग हैं जो अभी भी गवाह बनने, और शैतान के प्रभाव में होने और शैतान की घेराबंदी में होने पर, अर्थात्, जब अंधकार की शक्तियों के भीतर हों, तो अपना आत्मविश्वास और परमेश्वर के प्रति अपनी भक्ति बनाए रखने में सक्षम हैं। यदि तुम अभी भी परमेश्वर के लिए पवित्र दिल और अपने वास्तविक प्यार को बनाए रखने में सक्षम हो, तो चाहे कुछ हो जाए, तुम परमेश्वर के सामने गवाह बनते हो, और यही वह है जिसे परमेश्वर एक विजेता होने के रूप में संदर्भित करता है।” “जिन्हें आपदा से पहले पूर्ण किया जाता है वे परमेश्वर के प्रति आज्ञाकारी होते हैं। वे मसीह पर निर्भर रहते हैं, मसीह की गवाही देते हैं, और उसकी जय करते हैं। वे मसीह के विजयी मर्द बच्चे और अच्छे सैनिक हैं।” इन भविष्यवाणियों और परमेश्वर के वचनों से, हम यह जान सकते हैं कि सच्चे विजेता वे हैं जो झूठ नहीं बोलते और जिनके दिल में कोई षड्यंत्र नहीं होता है, और जिनके भ्रष्ट स्वभाव शुद्ध कर दिए गये हैं। इसके अलावा, वे वो लोग हैं जो मेमने के नक्शेकदम पर चलते हैं, जो सत्य को समझते हैं और परमेश्वर को जानते हैं। चाहे मसीह कुछ भी कहें या किन्हीं भी तरीकों से काम करें, वे उनका पालन और अनुसरण करते हैं, सभी चीजों में परमेश्वर का साक्ष्य देते हैं, उन्हें ऊँचा उठाते हैं, और उनकी परमेश्वर के प्रति निष्ठा पूर्ण और अविभाजित है। शैतान के द्वारा लोगों के निर्मम उत्पीड़न, पीछा किये जाने और पकड़े जाने की भयानक परिस्थितियों का सामना करते हुए, वे सत्य को अभ्यास में लाना जारी रखने में समर्थ होते हैं, परमेश्वर के प्राणी के रूप में अपना कर्तव्य निभाते हैं, और एक सुंदर और गुंजायमान गवाही देते हुए मृत्यु तक परमेश्वर की आज्ञा मानते हैं। केवल इन मानदंडों को प्राप्त करने से ही कोई व्यक्ति वचन के सही अर्थों में विजेता हो सकता है; यह सिर्फ उन लोगों के लिए नहीं है जो अत्यधिक मेहनत करते हैं, चीजों को त्याग देते हैं, स्वयं को प्रभु के लिए व्यय करते हैं, और जो उत्पीड़न और क्लेशों के दौरान पीछे नहीं हटते हैं। “विजेता बनने के मानदंड क्या हैं?”पढ़ना जारी रखें

अंतत: मुझे समझ आ गया कि किस प्रकार के लोग स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकते हैं

ऐक्सी, मलेशिया

जब मैं 12 वर्ष का था, मैंने प्रभु यीशु पर विश्वास करना शुरू किया और ईसाई बन गया। विश्वास करने के बाद, मैं रविवार की आराधना और बाइबल अध्ययन समूहों में सक्रिय रूप से और दृढ़ता से भाग लिया करता था। बाइबल अध्ययन की बैठकों में, हम अक्सर 2 तीमुथियुस 4:7-8, “मैं अच्छी कुश्ती लड़ चुका हूँ, मैंने अपनी दौड़ पूरी कर ली है, मैंने विश्वास की रखवाली की है। भविष्य में मेरे लिये धार्मिकता का वह मुकुट रखा हुआ है”, पर चर्चा करते थे। हमें लगता था कि, ईसाई होने के नाते, हमें पौलुस का अनुकरण करना चाहिए और काम करने का प्रयास करते हुए भाग-दौड़ करनी चाहिए, क्योंकि प्रभु हमें धार्मिकता का ताज सौंपेंगे। हमारे पादरी भी अक्सर यह कहते हुए हमें प्रोत्साहित करते थे कि स्वर्ग के राज्य में प्रयासों के माध्यम से प्रवेश किया जाता है, और जब तक हम प्रभु के कार्य का अनुसरण करने के लिए प्रयास करते हैं, उसे परिश्रमपूर्वक करते हैं, तब तक प्रभु लौटने पर हमें स्वर्ग के राज्य में आरोहित कर लेंगे। ये शिक्षाएं परमेश्वर में मेरे विश्वास की आधारशिला बन गयीं, और मैंने मन में संकल्प लिया कि मैं अपनी पूरी शक्ति से कलीसिया सेवा कार्य में भाग लेने के लिए हरसंभव प्रयास करूँगा ताकि मैं परमेश्वर को संतुष्ट करने के लिए पर्याप्त “योग्यता” अर्जित कर सकूँ, ताकि जब वे आयें, तो मैं स्वर्ग के राज्य में आरोहित किया जा सकूँ।

परमेश्वर के नक़्शे-कदम,बाइबल

विश्वविद्यालय में, मेरे पादरी ने कलीसिया में और अधिक प्रतिभा को बढ़ावा देने की बात की, ताकि कलीसिया का हर जगह विस्तार हो सके। जब मैंने देखा कि कलीसिया को अधिक लोगों की आवश्यकता है जो इसमें भाग लें और सेवा करें, तो मैंने सोचा, “अगर मैं प्रभु के लिए दृढ़तापूर्वक काम और श्रम करूँ, स्वयं को खपाऊँ, तो परमेश्वर निस्संदेह मुझे आशीष देंगे, और मैं स्वर्ग में अपने लिए पुरस्कार अर्जित कर सकता हूँ।” हालाँकि, उस अवधि के दौरान अपने पाठ्यक्रम के काम में बहुत व्यस्त था, लेकिन प्रत्येक सप्ताह, मैंने कक्षा के बाहर का अपना सारा समय सेवा कार्य करने, अध्ययन समूह की अगुआई करने, अपने भाई-बहनों से मेल-जोल और उनको सहारा देने में लगाया। यही नहीं कलीसिया की गतिविधियों की योजना बनाने, कलीसिया प्रशिक्षण में हिस्सा आदि में भी समय दिया। जब भी कलीसिया को मेरी सेवा की आवश्यकता होती थी, तो मैं निश्चित रूप से हाज़िर रहता था। भले ही मैं इतना व्यस्त था कि मुझे कलीसिया सेवा और अपनी कक्षाओं के बीच सांस लेने का भी समय नहीं मिलता था, लेकिन जब मैं सोचता था कि मेरे श्रम और कार्यों के बदले कैसे मुझे एक अच्छा भविष्य और प्रभु का आशीष मिलेगा, तो मुझे लगता था जैसे मेरे सभी बलिदान इसके लायक हैं। “अंतत: मुझे समझ आ गया कि किस प्रकार के लोग स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकते हैं”पढ़ना जारी रखें

बचाए जाने और पूर्ण उद्धार प्राप्त करने के बीच अंतर

जब भी बचाये जाने और पूर्ण उद्धार प्राप्त करने के बीच अंतर का उल्लेख किया जाता है, तो शायद कुछ भाई-बहन ऐसे हों जो कहें, “क्या बचाए जाने और पूर्ण उद्धार प्राप्त करने के बीच कोई अंतर है? क्या बचाए जाने का मतलब पूर्ण उद्धार प्राप्त करना नहीं है? प्रभु यीशु में अपने विश्वास के माध्यम से हम बचाए गए हैं, तो क्या हमने पूर्ण उद्धार प्राप्त नहीं कर लिया है? जब प्रभु आयेंगे, तो हम तुरंत स्वर्ग में आरोहित कर लिए जाएंगे।” लेकिन क्या वास्तव में चीज़ें इतनी सरल हैं? इस विषय पर चर्चा करना और खोज करना हमारे लिए अच्छा रहेगा।

十字架

1. बचाए जाने का क्या अर्थ है? क्या हम बचाए जाने के बाद पापरहित हो जाते हैं?

आइये, पहले परमेश्वर के वचनों का एक अंश पढ़ें, “उस समय यीशु का कार्य समस्त मानव जाति का छुटकारा था। उन सभी के पापों को क्षमा कर दिया गया था जो उसमें विश्वास करते थे; जितने समय तक तुम उस पर विश्वास करते थे, उतने समय तक वह तुम्हें छुटकारा देगा; यदि तुम उस पर विश्वास करते थे, तो तुम अब और पापी नहीं थे, तुम अपने पापों से मुक्त हो गए थे। यही है बचाए जाने, और विश्वास द्वारा उचित ठहराए जाने का अर्थ। फिर भी जो विश्वास करते थे उन लोगों के बीच, वह रह गया था जो विद्रोही था और परमेश्वर का विरोधी था, और जिसे अभी भी धीरे-धीरे हटाया जाना था। उद्धार का अर्थ यह नहीं था कि मनुष्य पूरी तरह से यीशु द्वारा प्राप्त कर लिया गया था, लेकिन यह कि मनुष्य अब और पापी नहीं था, कि उसे उसके पापों से क्षमा कर दिया गया था: बशर्ते कि तुम विश्वास करते थे, तुम कभी भी अब और पापी नहीं बनोगे।” परमेश्वर के वचनों से, हम देख सकते हैं कि चूँकि प्रभु यीशु ने छुटकारे का कार्य किया था इसलिए हम प्रभु में अपनी आस्था के कारण बचाए जाते हैं। प्रभु ने स्वयं को पापबलि के रूप में दे दिया और उन्हें क्रूस पर चढ़ाया गया था और इस तरह उन्होंने हमें पाप से छुड़ाया। इसलिए, प्रभु में विश्वास करने से, हम अब पापी नहीं रह गये हैं और व्यवस्था से बंधे हुए नहीं हैं। अब जब हम पाप करते हैं, तो हम परमेश्वर से प्रार्थना करने के लिए सीधे उनके सामने आने में सक्षम हो गये हैं, और हम प्रभु से हमें क्षमा करने का आग्रह कर सकते हैं। बचाये जाने का मतलब यही है। “बचाए जाने और पूर्ण उद्धार प्राप्त करने के बीच अंतर”पढ़ना जारी रखें

God is my reliance | Hindi Christian Movie | “गहरी सर्दी में” | The Testimony of a Christian

God is my reliance | Hindi Christian Movie | “गहरी सर्दी में” | The Testimony of a Christian

उसका नाम जिआओ ली हैI उसने एक दशक से भी अधिक समय तक परमेश्वर पर विश्वास किया हैI 2012 की सर्दी में, उसे एक सभा में चीनी कम्युनिस्ट पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया थाI पूछताछ के दौरान, पुलिस ने कलीसिया के नेताओं के ठिकानों और पैसों के बारे में खुलासा करते हुए, परमेश्वर को धोखा देने के लिए उसे लुभाने के प्रयासों में बार-बार बहलाने, धमकी देने, यातना देने और तोड़ने की कोशिश कीI विशेष रूप से एक बर्फीली रात में, जब तापमान शून्य से भी बीस डिग्री नीचे था, उसे कपड़े उतारकर जबरदस्ती नग्न कर दिया, बर्फीले पानी से भिगोया, उसके जनानागों में बिजली के झटके दिए, और पुलिस ने जबरदस्ती उसकी नाक में सरसों का पानी डाला…. उसे अमानवीय यातना और अकल्पनीय अपमान का सामना करना पड़ाI पूछताछ के दौरान, वह आहत हुई और उसका तिरस्कार हुआI उसने बेतहाशा परमेश्वर से समय-समय पर प्रार्थना कीI परमेश्वर के वचन ने समय-समय पर उसको प्रबुद्धता और मार्गदर्शन दियाI परमेश्वर के वचन से प्राप्त विश्वास और शक्ति से, उसने बर्बर यातना और राक्षसी अत्याचार पर विजय प्राप्त की और जबरदस्त तरीके से शानदार गवाही दीI सर्दियों में खिले फूल की तरह, वह गंभीर प्रतिकूल परिस्थितियों में भी गर्व से रमणीय सुगंध बिखेरते हुए एक लचीली जीवन शक्ति का प्रदर्शन करती है…

स्रोत: यीशु मसीह का अनुसरण करते हुए

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