परमेश्वर के प्रकटन की महत्ता

परमेश्वर कहते हैं, “परमेश्वर का प्रकटन व्यक्तिगत रूप से अपना कार्य करने के लिए उसके पृथ्वी पर आगमन का संकेत करता है।

परमेश्वर कहते हैं, “परमेश्वर का प्रकटन व्यक्तिगत रूप से अपना कार्य करने के लिए उसके पृथ्वी पर आगमन का संकेत करता है। अपनी स्वयं की पहचान और स्वभाव के साथ, और उस तरीके से जो उसके लिए जन्मजात है, वह एक युग का आरंभ करने और एक युग को समाप्त करने के कार्य का संचालन करने के लिए मनुष्यजाति में अवरोहण करता है। इस तरह का प्रकटन किसी समारोह का रूप नहीं है। यह कोई संकेत, कोई तस्वीर, कोई चमत्कार या किसी प्रकार का भव्य दर्शन नहीं है, और यह किसी प्रकार की धार्मिक प्रक्रिया तो बिल्कुल नहीं है। यह एक असली और वास्तविक तथ्य है जिसे किसी के द्वारा भी छुआ और देखा जा सकता है। इस तरह का प्रकटन बेमन से किसी कार्य को करने के लिये, या अल्पकालिक उपक्रम के लिए नहीं है; बल्कि, यह उसकी प्रबंधन योजना में कार्य के एक चरण के वास्ते है। परमेश्वर का प्रकटन हमेशा सार्थक होता है और हमेशा उसकी प्रबंधन योजना से कुछ संबंध रखता है। यहाँ जिसे ‘प्रकटन’ कहा गया है, वह उस प्रकार के ‘प्रकटन’ से पूरी तरह से भिन्न है जिसमें परमेश्वर मनुष्य का मार्गदर्शन, अगुआई करता है और उसे प्रबुद्ध करता है। हर बार जब परमेश्वर स्वयं को प्रकट करता है तो वह अपने महान कार्य के एक चरण को कार्यान्वित करता है। यह कार्य किसी भी अन्य युग के कार्य से भिन्न होता है। यह मनुष्य के लिए अकल्पनीय है, और इसका मनुष्य द्वारा कभी भी अनुभव नहीं किया गया है। यह वह कार्य है जो एक नये युग का आरम्भ करता है और पुराने युग का समापन करता है, और यह मनुष्यजाति के उद्धार के कार्य का एक नया और बेहतर रूप है; इसके अलावा, यह वह कार्य है जो मनुष्यजाति को नए युग में लाता है। यही वह है जिसका संकेत परमेश्वर का प्रकटन करता है” (“परमेश्वर के प्रकटन ने एक नए युग का सूत्रपात किया है”)।

स्रोत: यीशु मसीह का अनुसरण करते हुए

आपके लिए अनुशंसित: यीशु मसीह का संदेश

Tai Chi Dance | New Heaven and New Earth “परमेश्वर के प्रकटन की महत्ता” (Hindi)

Hindi Christian Dance Video | जो तहेदिल से परमेश्वर से प्यार करते हैं वे सभी ईमानदार लोग हैं

बच्चे की तरह शुद्ध और ईमानदार,जीवंत, युवा ऊर्जा से भरपूर,मानो फ़रिश्ते हों दुनिया में आए हुए।कोई झूठ नहीं, कोई धोखेबाज़ी या कपट नहीं,खुले, ईमानदार दिल के साथ वे जीते हैं गरिमा के साथ।देते हैं अपना दिल परमेश्वर को, परमेश्वर करता है उन पर भरोसा।

बच्चे की तरह शुद्ध और ईमानदार,
जीवंत, युवा ऊर्जा से भरपूर,
मानो फ़रिश्ते हों दुनिया में आए हुए।
कोई झूठ नहीं, कोई धोखेबाज़ी या कपट नहीं,
खुले, ईमानदार दिल के साथ वे जीते हैं गरिमा के साथ।
देते हैं अपना दिल परमेश्वर को, परमेश्वर करता है उन पर भरोसा।
यही हैं वे ईमानदार लोग जिन्हें परमेश्वर करता है प्यार।
परमेश्वर के वचनों के मार्गदर्शन में हर दिन रहते हुए,
मुझे मिलता है परमेश्वर का आशीष, पवित्र आत्मा करता है मेरी रहनुमाई।
स्वीकार करती हूं मैं परमेश्वर की समीक्षा और जीती हूं उसके सामने।
परमेश्वर को तहेदिल से प्यार करने का अर्थ है महसूस करना ख़ुशी और हर्ष।
मसीह का राज्य है ईमानदार लोगों के लिए स्वर्ग।
और है उनका सुंदर घर।
जो लोग सच्चाई से प्यार करते हैं उन सभी के दिल हैं ईमानदार।
ईमानदार लोगों को सच्चाई पर चलने में होती है ख़ुशी।
परमेश्वर की आज्ञा मानकर उनके दिल को मिलती है शांति।
डरते हैं वे परमेश्वर से, छोड़ देते हैं वे बुराई,
जीते हैं वे परमेश्वर के वचनों के अनुसार।
जीते हैं वे परमेश्वर के वचनों में, हैं आज़ाद और मुक्त वे।
परमेश्वर से प्यार करने का अर्थ है महसूस करना ख़ुशी और हर्ष।
परमेश्वर के वचनों के मार्गदर्शन में हर दिन रहते हुए,
मुझे मिलता है परमेश्वर का आशीष, पवित्र आत्मा करता है मेरी रहनुमाई।
स्वीकार करती हूं मैं परमेश्वर की समीक्षा और जीती हूं उसके सामने।
परमेश्वर को तहेदिल से प्यार करने का अर्थ है महसूस करना ख़ुशी और हर्ष।
मसीह का राज्य है ईमानदार लोगों के लिए स्वर्ग।
और है उनका सुंदर घर।
परमेश्वर से प्यार करके मेरे दिल में है सुकून और आनंद।
परमेश्वर के वचनों के अनुसार चलकर जीती हूं मैं आराम से।
मेरे दिल में केवल परमेश्वर है, केवल सच्चाई है।
परमेश्वर के वचन बन गए हैं मेरा जीवन।
परमेश्वर के वचनों के मार्गदर्शन में हर दिन रहते हुए,
मुझे मिलता है परमेश्वर का आशीष, पवित्र आत्मा करता है मेरी रहनुमाई।
स्वीकार करती हूं मैं परमेश्वर की समीक्षा और जीती हूं उसके सामने।
परमेश्वर को तहेदिल से प्यार करने का अर्थ है महसूस करना ख़ुशी और हर्ष।
मसीह का राज्य है ईमानदार लोगों के लिए स्वर्ग।
और है उनका सुंदर घर।
“मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना” से
 
क्या आप अपने आप को खालीपन के दर्द से मुक्त करना चाहते हैं और एक सार्थक और खुशहाल जीवन जी सकते हैं? यह ईमानदार मूवी देखें, और आपको जीवन में सही दिशा और लक्ष्य मिल जाएगा।
 

परमेश्वर के दैनिक वचन | “परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर II” | अंश 40

पहले, आओ हम अंश संख्या एक को पढ़ें: “ऊज़ देश में अय्यूब नामक एक पुरुष था; वह खरा और सीधा था और परमेश्वर का भय मानता और बुराई से दूर रहता था।

परमेश्वर के दैनिक वचन | “परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर II” | अंश 40

परमेश्वर के द्वारा और बाइबल में अय्यूब का आंकलन

(अय्यूब 1:1) ऊज़ देश में अय्यूब नामक एक पुरुष था; वह खरा और सीधा था और परमेश्‍वर का भय मानता और बुराई से दूर रहता था।

(अय्यूब 1:5) जब जब भोज के दिन पूरे हो जाते, तब तब अय्यूब उन्हें बुलवाकर पवित्र करता, और बड़े भोर को उठकर उनकी गिनती के अनुसार होमबलि चढ़ाता था; क्योंकि अय्यूब सोचता था, “कदाचित् मेरे लड़कों ने पाप करके परमेश्‍वर को छोड़ दिया हो।” इसी रीति अय्यूब सदैव किया करता था। “परमेश्वर के दैनिक वचन | “परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर II” | अंश 40″पढ़ना जारी रखें

Hindi Christian Movie अंश 2 : “कितनी सुंदर वाणी” – How Can We Be Sure the Lord Jesus Has Already Returned?

जब से कलीसियाओं ने निर्जनता की समस्या का सामना करना शुरू किया है, प्रभु के विश्‍वासी भाई-बहनों ने पवित्र आत्‍मा के कार्य की कमी और प्रभु की अनुपस्थिति को साफ़ तौर पर अनुभव किया है। वे सभी प्रभु के वापिस लौटने की राह देख रहे हैं।

 
Hindi Christian Movie अंश 2 : “कितनी सुंदर वाणी” – How Can We Be Sure the Lord Jesus Has Already Returned?
जब से कलीसियाओं ने निर्जनता की समस्या का सामना करना शुरू किया है, प्रभु के विश्‍वासी भाई-बहनों ने पवित्र आत्‍मा के कार्य की कमी और प्रभु की अनुपस्थिति को साफ़ तौर पर अनुभव किया है। वे सभी प्रभु के वापिस लौटने की राह देख रहे हैं। लेकिन यह समाचार सुन कर हम किस तरह यकीन करें कि प्रभु यीशु पहले ही वापस आ चुके हैं?
 
ईसा मसीह का संदेश | उद्धारकर्त्ता पहले ही एक “सफेद बादल” पर सवार होकर वापस आ चुका है | अधिक जानने के लिए पढ़ें और प्राप्त करें।
 

Hindi Christian Movie अंश 2 : “मायाजाल को तोड़ दो” – जब प्रभु वापस लौटेंगे, तो वह मानव जाति को किस रूप में दिखाई देंगे?

अंत के दिन आ चुके हैं, और बहुत से विश्वासी लालायित हो रहे हैं कि प्रभु पुनरागमन कर उन्‍हें स्वर्ग के राज्य में ले जाएं।

Hindi Christian Movie अंश 2 : “मायाजाल को तोड़ दो” – जब प्रभु वापस लौटेंगे, तो वह मानव जाति को किस रूप में दिखाई देंगे?
अंत के दिन आ चुके हैं, और बहुत से विश्वासी लालायित हो रहे हैं कि प्रभु पुनरागमन कर उन्‍हें स्वर्ग के राज्य में ले जाएं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जब प्रभु वापस आयेंगे तो वह हमारे सामने कैसे प्रकट होंगे? क्या वे वास्तव में वैसे ही होंगे जैसी हम कल्पना करते हैं, कि वे खुलेआम सीधे बादलों पर अवतरित होंगे? सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: “क्या तुम यीशु को देखना चाहते हो? क्या तुम यीशु के साथ रहना चाहते हो? क्या तुम यीशु के द्धारा कहे गए वचनों को सुनना चाहते हो? …… यीशु किस ढंग से वापस आएगा? तुम लोग विश्वास करते हो कि यीशु श्वेत बादल पर वापस आएगा, परन्तु मैं तुम लोगों से पूछता हूँ: यह श्वेत बादल किस चीज का संकेत करता है? यीशु के कई अनुयायी उसके आगमन की प्रतीक्षा कर रहे हैं, उनमें से किन लोगों के बीच वह उतरेगा?” ” कि जब तुम लोग यीशु को एक श्वेत बादल पर स्वर्ग से उतरते हुए अपनी आँखों से देखो, तो यह धार्मिकता के सूर्य का सार्वजनिक प्रकटन होगा। …… यह परमेश्वर की प्रबंधन योजना की समाप्ति की घोषणा होगी, और यह तब होगा जब परमेश्वर सज्जन को पुरस्कार और दुष्ट को दण्ड देगा। क्योंकि परमेश्वर का न्याय मनुष्य के संकेतों को देखने से पहले ही समाप्त हो चुका होगा, जब वहाँ सिर्फ़ सत्य की अभिव्यक्ति ही होगी।”
 
यीशु मसीह के आगमन का तरीका क्या है? जब लोग प्रभु को बादल में आते हुए देखेंगे तो वे क्यों रोयेंगे? इस पृष्ठ पर उत्तर प्राप्त करें।
 

बाइबल संदेश: “उस दिन और उस घड़ी के विषय में कोई नहीं जानता”—इसका क्या अर्थ हो सकता है? अधिक जानने के लिए पढ़ें और प्राप्त करें।

यीशु मसीह आखिरी दिनों में कहाँ लौटेंगे?

कई जगहों पर, परमेश्वर ने सीनियों के देश में जीतने वालों के एक समूह को प्राप्त करने की भविष्यवाणी की है। दुनिया के पूर्व में विजेताओं को प्राप्त किया जाता है, इसलिए परमेश्वर के दूसरे देहधारण के अवतरण का स्थान बिना किसी संदेह के, सीनियों का देश है, ठीक वहीं जहाँ बड़ा लाल अजगर कुण्डली मारे पड़ा है। वहाँ परमेश्वर बड़े लाल अजगर के वंशज को प्राप्त करेगा ताकि यह पूर्णतः पराजित और शर्मिंदा हो जाए।

1. अंतिम दिनों में परमेश्वर ने चीन में देहधारण किया है; बाइबल की भविष्यवाणियों में और परमेश्वर के वचनों में इसके लिए क्या आधार मिलता है?

संदर्भ के लिए बाइबल के पद:

क्योंकि उदयाचल से लेकर अस्ताचल तक जाति-जाति में मेरा नाम महान् है” (मलाकी 1:11)।

क्योंकि जैसे बिजली पूर्व से निकलकर पश्‍चिम तक चमकती है, वैसे ही मनुष्य के पुत्र का भी आना होगा” (मत्ती 24:27)।

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:

कई जगहों पर, परमेश्वर ने सीनियों के देश में जीतने वालों के एक समूह को प्राप्त करने की भविष्यवाणी की है। दुनिया के पूर्व में विजेताओं को प्राप्त किया जाता है, इसलिए परमेश्वर के दूसरे देहधारण के अवतरण का स्थान बिना किसी संदेह के, सीनियों का देश है, ठीक वहीं जहाँ बड़ा लाल अजगर कुण्डली मारे पड़ा है। वहाँ परमेश्वर बड़े लाल अजगर के वंशज को प्राप्त करेगा ताकि यह पूर्णतः पराजित और शर्मिंदा हो जाए।

— “कार्य और प्रवेश (6)” से उद्धृत

भविष्यवाणियों में कहा गया है कि यहोवा का नाम अन्यजाति देशों में महान होगा और यह कि अन्यजाति देशों में यहोवा का नाम फैल जाएगा—वे ऐसा क्यों कहते? यदि परमेश्वर केवल इस्राएलियों का परमेश्वर होता, तो वह केवल इस्राएल में ही कार्य करता। इसके अलावा, वह इस कार्य का विस्तार नहीं करता और वह ऐसी भविष्यवाणी नहीं करता। चूँकि उसने यह भविष्यवाणी की है, तो उसे अन्यजाति देशों में और प्रत्येक देश तथा स्थान में अपने कार्य का विस्तार करने की आवश्यकता होगी। चूँकि उसने ऐसा कहा है, इसलिए, वह ऐसा ही करेगा। यह उसकी योजना है, क्योंकि वही स्वर्ग और पृथ्वी तथा सभी चीज़ों का सृष्टिकर्ता प्रभु है और सम्पूर्ण सृष्टि का परमेश्वर है। इस बात की परवाह किए बिना कि वह अपना कार्य इस्राएल में करता है या सम्पूर्ण यहूदिया में, वह जो कार्य करता है वह सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड का कार्य होता है और सम्पूर्ण मानवजाति का कार्य होता है। आज वह जो कार्य बड़े लाल अजगर—एक अन्यजाति देश में करता है—यह अभी भी सम्पूर्ण मानवता का कार्य है। पृथ्वी पर इस्राएल उसके कार्य का आधार हो सकता है; इसी प्रकार, अन्यजाति देशों के बीच चीन भी उसके कार्य का आधार हो सकता है। क्या उसने अब इस भविष्यवाणी को पूरा नहीं किया है कि “यहोवा का नाम अन्यजाति देशों में महान होगा?”

— “परमेश्वर सम्पूर्ण सृष्टि का प्रभु है” से उद्धृत

जब मैं नये स्वर्ग और धरती में प्रवेश करूँगा, सिर्फ तभी मैं अपनी महिमा का दूसरा भाग लेकर इसे सबसे पहले कनान की धरती पर प्रकट करूंगा, जिससे रात के गहरे अंधकार में डूबी पूरी धरती पर एक रोशनी की चमक फ़ैल जाएगी और पूरी धरती प्रकाशमान हो जाएगी। इस प्रकाश की शक्ति से पूरी धरती के मनुष्यों को शक्ति प्राप्त करने दो, जिससे मेरी महिमा बढ़ सके और हर देश में नयी होकर प्रकट हो सके। पूरी इंसानियत को यह एहसास करने दो कि मैं बहुत पहले इंसानों की दुनिया में आ चुका हूँ और बहुत पहले अपनी महिमा को इज़राइल से पूरब में ला चुका हूँ; क्योंकि मेरी महिमा पूरब से चमकती है, जहां इसे अनुग्रह के युग से आज के दिन में लाया गया है। लेकिन यह इज़राइल ही था जहां से मैं गया था और वहीं से मैं पूरब में आया हूँ। जब पूरब का प्रकाश धीरे-धीरे सफ़ेद रोशनी में तब्दील होगा, तभी पूरी धरती का अंधकार प्रकाश में बदलना शुरू हो जाएगा, और तभी मनुष्य को यह पता चलेगा कि मैं बहुत पहले इज़राइल से जा चुका हूँ और नए सिरे से पूरब में उभर रहा हूँ। एक बार इज़राइल में अवतरित होने और फिर यहाँ से चले जाने के बाद, मैं दुबारा इज़राइल में पैदा नहीं हो सकता, क्योंकि मेरा कार्य पूरे ब्रह्मांड की अगुवाई करता है। यही नहीं, रोशनी सीधे पूरब से पश्चिम की ओर चमकती है। यही कारण है कि मैं पूरब में अवतरित हुआ हूँ और कनान को पूरब के लोगों तक लाया हूँ। मैं पूरी पृथ्वी के लोगों को कनान की धरती पर लाना चाहता हूँ, और इसलिए मैं कनान की धरती में लगातार वचन बोल रहा हूँ, ताकि पूरे ब्रह्मांड को नियंत्रित कर सकूं। इस समय, कनान के अलावा पूरी पृथ्वी पर अंधकार छाया है, सभी लोग भूख और ठंड के कारण संकट में हैं। मैंने अपनी महिमा इज़राइल को दी और फिर उसे हटा लिया, इसके बाद मैं इज़राइलियों के साथ-साथ पूरी इंसानियत को पूरब में ले आया। मैं उन सभी को प्रकाश में लेकर आया हूँ ताकि वे इसके साथ फिर से मिल जाएं और इससे जुड़े रह सकें, और उन्हें इसकी खोज न करनी पड़े। जो प्रकाश की खोज कर रहे हैं उन्हें मैं फिर से प्रकाश देखने दूंगा और उस महिमा को देखने दूंगा जो मेरे पास इज़राइल में थी; मैं उन्हें यह देखने दूंगा कि मैं बहुत पहले एक सफ़ेद बादल पर सवार होकर मनुष्यों के बीच आ चुका हूँ, मैं उन्हें असंख्य सफ़ेद बादल और प्रचुर मात्रा में फलों के समूह देखने दूंगा। यही नहीं, मैं उन्हें इज़राइल के यहोवा परमेश्वर को देखने दूंगा। मैं उन्हें यहूदियों के स्वामी, बहुप्रतीक्षित मसीहा को देखने दूंगा, और अपने पूर्ण प्रकटन को देखने दूंगा जिसे हर युग के राजाओं द्वारा सताया गया है। मैं संपूर्ण ब्रह्मांड पर कार्य करूंगा और मैं महान कार्य पूरा करूंगा, जो अंत के दिनों में लोगों के सामने मेरी पूरी महिमा और मेरे सारे कार्यों को प्रकट कर देगा। मैं अपना भव्य मुखमंडल संपूर्ण रूप में उन लोगों को दिखाऊंगा, जिन्होंने कई वर्षों से मेरी प्रतीक्षा की है, जो मुझे सफ़ेद बादल पर सवार होकर आते हुए देखने के लिए लालायित रहे हैं। मैं अपना यह रूप इज़राइल को दिखाऊंगा जिसने मेरे एक बार फिर प्रकट होने की लालसा की है। मैं उन सभी लोगों को अपना यह रूप दिखाउंगा जो मुझे कष्ट पहुंचाते हैं, ताकि सभी लोग यह जान सकें कि मैंने बहुत पहले ही अपनी महिमा को हटा लिया है और इसे पूरब में ले आया हूँ, जिस कारण यह अब यहूदिया में नहीं रही। क्योंकि अंत के दिन पहले ही आ चुके हैं!

मैं पूरे ब्रह्मांड में अपना कार्य कर रहा हूँ, और पूरब से असंख्य गर्जनायें गूँज रही हैं, जो सभी राष्ट्रों और संप्रदायों को झकझोर रही हैं। यह मेरी वाणी है जिसने वर्तमान में सभी मनुष्यों की अगुवाई की है। मैं अपनी वाणी से सभी मनुष्यों को जीत लूंगा, उन्हें इस धारा में बहाऊंगा और अपने सामने समर्पण करवाऊंगा, क्योंकि मैंने बहुत पहले पूरी पृथ्वी से अपनी महिमा को वापस लेकर इसे नये सिरे से पूरब में जारी किया है। भला कौन मेरी महिमा को देखने के लिए लालायित नहीं है? कौन बेसब्री से मेरे लौटने का इंतज़ार नहीं कर रहा है? किसे मेरे पुनः प्रकटन की प्यास नहीं है? कौन मेरी सुंदरता को देखने के लिए तरस नहीं रहा है? कौन प्रकाश में नहीं आना चाहता? कौन कनान की समृद्धि को नहीं देखना चाहता? किसे उद्धारकर्ता के लौटने की लालसा नहीं है? कौन महान सर्वशक्तिमान परमेश्वर की आराधना नहीं करता है? मेरी वाणी पूरी पृथ्वी पर फ़ैल जाएगी; अपने चुने हुए लोगों के समक्ष, मैं चाहता हूँ कि मैं उनसे अधिक वचन बोलूँ। मैं पूरे ब्रह्मांड के लिए और पूरी मानवजाति के लिए अपने वचन बोलता हूँ, उन शक्तिशाली गर्जनाओं की तरह जो पर्वतों और नदियों को हिला देते हैं। इस प्रकार मेरे मुँह से निकले वचन मनुष्य के लिए खज़ाना बन जाते हैं, और सभी मनुष्य मेरे वचनों का आनंद लेते हैं। बिजली पूरब से चमकते हुए सीधे पश्चिम की ओर जाती है। मेरे वचन ऐसे हैं कि मनुष्य उन्हें छोड़ नहीं पाता है और साथ ही उसकी थाह भी नहीं ले सकता है, लेकिन उनका अधिक से अधिक आनंद उठाता है। एक नवजात शिशु की तरह, सभी मनुष्य खुश और आनंद से भरे हैं और मेरे आने की खुशी मना रहे हैं। अपने वचनों के माध्यम से, मैं सभी मनुष्यों को अपने समक्ष लाऊंगा। उसके बाद, मैं औपचारिक तौर पर मनुष्य जाति में प्रवेश करूंगा ताकि वे मेरी आराधना कर सकें। मुझसे निकलने वाली महिमा और मेरे मुँह से निकले वचनों से, मैं ऐसा इंतजाम करूंगा कि सभी मनुष्य मेरे समक्ष आएंगे और देखेंगे कि बिजली पूरब से चमक रही है और मैं भी पूरब में “जैतून के पर्वत” पर उतर चुका हूँ। वे यह देखेंगे कि मैं बहुत पहले से पृथ्वी पर मौजूद हूँ, यहूदियों के पुत्र के रूप में नहीं, बल्कि पूरब की बिजली के रूप में। क्योंकि बहुत पहले मेरा पुनरुत्थान हो चुका है, और मैं लोगों के बीच से जा चुका हूँ, और फिर महिमा के साथ लोगों के बीच प्रकट हुआ हूँ। मैं वही हूँ जिसकी आराधना अनगिनत साल पहले की गई थी, और मैं वह शिशु हूँ जिसे अनगिनत साल पहले इज़राइलियों ने त्याग दिया था। इसके अलावा, मैं वर्तमान युग का संपूर्ण-महिमामय सर्वशक्तिमान परमेश्वर हूँ! सब लोग मेरे सिंहासन के सामने आएं और मेरे भव्य मुखमंडल को देखें, मेरी वाणी सुनें और मेरे कर्मों को देखें। यही मेरी संपूर्ण इच्छा है; यही मेरी योजना का अंतिम पल और उसका चरम बिंदु है, यही मेरे प्रबंधन का उद्देश्य है। सभी राष्ट्र मेरी आराधना करें, हर ज़बान मुझे स्वीकार करें, हर इंसान मुझमें अपनी आस्था दिखाए और हर इंसान मुझ पर भरोसा करे!

— “सात गर्जनाएँ—भविष्यवाणी करती हैं कि राज्य के सुसमाचार पूरे ब्रह्माण्ड में फैल जाएंगे” से उद्धृत

यीशु मसीह कब आएंगे और हम उसका स्वागत कैसे करते हैं, इस सवाल को जवाब देने के लिए इस विषय को पढ़ें।

 

morning prayer song in hindi | “प्रार्थना का महत्व” | Worship God in Spirit and in Truth

प्रार्थनाएँ वह मार्ग होती हैं जो जोड़ें मानव को परमेश्वर से,
जिससे वह पुकारे पवित्र आत्मा को
और प्राप्त करे स्पर्श परमेश्वर का।

morning prayer in hindi | “प्रार्थना का महत्व” | Worship God in Spirit and in Truth

प्रार्थनाएँ वह मार्ग होती हैं जो जोड़ें मानव को परमेश्वर से,
जिससे वह पुकारे पवित्र आत्मा को
और प्राप्त करे स्पर्श परमेश्वर का।
जितनी करोगे प्रार्थना, उतना ही स्पर्श पाओगे,
प्रबुद्ध होगे और मन में शक्ति आएगी।
ऐसे ही लोगों को मिल सकती है पूर्णता शीघ्र ही,
शीघ्र ही, शीघ्र ही, शीघ्र ही।
तो जो ना करे प्रार्थना वह है जैसे मृत बिना आत्मा के।
ना मिले स्पर्श परमेश्वर का,
ना कर सके अनुपालन परमेश्वर के कार्यों के।
जो नहीं करोगे प्रार्थना तो छूट जाएगा सामान्य आत्मिक जीवन,
नहीं पाओगे परमेश्वर का साथ; वो तुमको अपनाएगा नहीं,
वो तुमको अपनाएगा नहीं।

जितनी करोगे प्रार्थना, उतना ही स्पर्श पाओगे,
प्रबुद्ध होगे और मन में शक्ति आएगी।
ऐसे ही लोगों को मिल सकती है पूर्णता शीघ्र ही,
ऐसे ही लोगों को मिल सकती है पूर्णता शीघ्र ही,
शीघ्र ही, शीघ्र ही, शीघ्र ही, शीघ्र ही।
“वचन देह में प्रकट होता है” से

 

प्रार्थना गीत हिंदी में | प्रार्थना कैसे करें | परमेश्वर हमारा मार्गदर्शन करेगा |

ये 5 सुंदर भजन आपको परमेश्वर द्वारा सुनी जानेवाली प्रार्थनाओं को करने का तरीका दिखाएंगे।

यहोवा परमेश्वर की चेतावनी नीनवे के लोगों तक पहुंचती है

योना 3 तब यहोवा का यह वचन दूसरी बार योना के पास पहुँचा: “उठकर उस बड़े नगर नीनवे को जा, और जो बात मैं तुझ से कहूँगा, उसका उस में प्रचार कर।” तब योना यहोवा के वचन के अनुसार नीनवे को गया।

During my devotion this morning, I read God’s words “यहोवा परमेश्वर की चेतावनी नीनवे के लोगों तक पहुंचती है”. I had some understanding of the story of Ninevites through the Bible before but after reading this passage of God’s word today, I gained some new knowledge from God’s warning to Ninevietes “Yet forty days, and Nineveh shall be overthrown”. This warning is not a simple word. It not only shows God’s attitude toward corrupted humankind but also reveals God’s salvation to man. Can’t wait to share it with my friends. I believe it will be of great benefit to you, too!

यहोवा परमेश्वर की चेतावनी नीनवे के लोगों तक पहुंचती है

योना 1:1-2 यहोवा का यह वचन अमित्तै के पुत्र योना के पास पहुँचा: “उठकर उस बड़े नगर नीनवे को जा, और उसके विरुद्ध प्रचार कर; क्योंकि उसकी बुराई मेरी दृष्‍टि में बढ़ गई है।”

योना 3 तब यहोवा का यह वचन दूसरी बार योना के पास पहुँचा: “उठकर उस बड़े नगर नीनवे को जा, और जो बात मैं तुझ से कहूँगा, उसका उस में प्रचार कर।” तब योना यहोवा के वचन के अनुसार नीनवे को गया। नीनवे एक बहुत बड़ा नगर था, वह तीन दिन की यात्रा का था। योना ने नगर में प्रवेश करके एक दिन की यात्रा पूरी की, और यह प्रचार करता गया, “अब से चालीस दिन के बीतने पर नीनवे उलट दिया जाएगा।” तब नीनवे के मनुष्यों ने परमेश्‍वर के वचन की प्रतीति की; और उपवास का प्रचार किया गया और बड़े से लेकर छोटे तक सभों ने टाट ओढ़ा। तब यह समाचार नीनवे के राजा के कान में पहुँचा; और उसने सिंहासन पर से उठ, अपने राजकीय वस्त्र उतारकर टाट ओढ़ लिया, और राख पर बैठ गया। राजा ने प्रधानों से सम्मति लेकर नीनवे में इस आज्ञा का ढिंढोरा पिटवाया: “क्या मनुष्य, क्या गाय-बैल, क्या भेड़-बकरी, या अन्य पशु, कोई कुछ भी न खाए; वे न खाएँ और न पानी पीएँ। मनुष्य और पशु दोनों टाट ओढ़ें, और वे परमेश्‍वर की दोहाई चिल्‍ला-चिल्‍ला कर दें; और अपने कुमार्ग से फिरें; और उस उपद्रव से, जो वे करते हैं, पश्‍चाताप करें। सम्भव है, परमेश्‍वर दया करे और अपनी इच्छा बदल दे, और उसका भड़का हुआ कोप शान्त हो जाए और हम नष्‍ट होने से बच जाएँ।” जब परमेश्‍वर ने उनके कामों को देखा, कि वे कुमार्ग से फिर रहे हैं, तब परमेश्‍वर ने अपनी इच्छा बदल दी, और उनकी जो हानि करने की ठानी थी, उसको न किया।

योना 4 यह बात योना को बहुत ही बुरी लगी, और उसका क्रोध भड़का। उसने यहोवा से यह कहकर प्रार्थना की, “हे यहोवा, जब मैं अपने देश में था, तब क्या मैं यही बात न कहता था? इसी कारण मैं ने तेरी आज्ञा सुनते ही तर्शीश को भाग जाने के लिये फुर्ती की; क्योंकि मैं जानता था कि तू अनुग्रहकारी और दयालु परमेश्‍वर है, और विलम्ब से कोप करनेवाला करुणानिधान है, और दु:ख देने से प्रसन्न नहीं होता। इसलिये अब हे यहोवा, मेरा प्राण ले ले; क्योंकि मेरे लिये जीवित रहने से मरना ही भला है।” यहोवा ने कहा, “तेरा जो क्रोध भड़का है, क्या वह उचित है?” इस पर योना उस नगर से निकलकर, उसकी पूरब ओर बैठ गया; और वहाँ एक छप्पर बनाकर उसकी छाया में बैठा हुआ यह देखने लगा कि नगर का क्या होगा? तब यहोवा परमेश्‍वर ने एक रेंड़ का पेड़ उगाकर ऐसा बढ़ाया कि योना के सिर पर छाया हो, जिससे उसका दु:ख दूर हो। योना उस रेंड़ के पेड़ के कारण बहुत ही आनन्दित हुआ। सबेरे जब पौ फटने लगी, तब परमेश्‍वर ने एक कीड़े को भेजा, जिस ने रेंड़ का पेड़ ऐसा काटा कि वह सूख गया। जब सूर्य उगा, तब परमेश्‍वर ने पुरवाई बहाकर लू चलाई, और धूप योना के सिर पर ऐसी लगी कि वह मूर्च्छित होने लगा; और उसने यह कहकर मृत्यु माँगी, “मेरे लिये जीवित रहने से मरना ही अच्छा है।” परमेश्‍वर ने योना से कहा, “तेरा क्रोध, जो रेंड़ के पेड़ के कारण भड़का है, क्या वह उचित है?” उसने कहा, “हाँ, मेरा जो क्रोध भड़का है वह अच्छा ही है, वरन् क्रोध के मारे मरना भी अच्छा होता।” तब यहोवा ने कहा, “जिस रेंड़ के पेड़ के लिये तू ने कुछ परिश्रम नहीं किया, न उसको बढ़ाया, जो एक ही रात में हुआ, और एक ही रात में नष्‍ट भी हुआ; उस पर तू ने तरस खाई है। फिर यह बड़ा नगर नीनवे, जिसमें एक लाख बीस हज़ार से अधिक मनुष्य हैं जो अपने दाहिने बाएँ हाथों का भेद नहीं पहिचानते, और बहुत से घरेलू पशु भी उसमें रहते हैं, तो क्या मैं उस पर तरस न खाऊँ?”

नीनवे की कहानी का सारांश

यद्यपि “परमेश्वर द्वारा नीनवे के उद्धार” की कहानी बहुत छोटी है, फ़िर भी यह किसी भी व्यक्ति को परमेश्वर के धर्मी स्वभाव के दूसरे पहलू की झलक देखने देती है। वह दूसरा पहलू किस चीज़ से निर्मित है इसे सटीकता से समझने के लिए, हमें पवित्र शास्त्र की ओर लौटना होगा और परमेश्वर के कार्यों में से एक कार्य को देखना होगा।

योना परमेश्वर के वचन की घोषणा करता है

आओ, हम पहले इस कहानी की शुरुआत को देखें: “यहोवा का यह वचन अमित्तै के पुत्र योना के पास पहुँचा: ‘उठकर उस बड़े नगर नीनवे को जा, और उसके विरुद्ध प्रचार कर; क्योंकि उसकी बुराई मेरी दृष्‍टि में बढ़ गई है'” (योना 1:1-2)। पवित्र शास्त्र के इस अंश में, हम जानते हैं कि यहोवा परमेश्वर ने योना को नीनवे शहर जाने का आदेश दिया था। उसने योना को इस नगर में जाने के लिए क्यों कहा था? बाइबल इसके विषय में बहुत स्पष्ट है: इस नगर के लोगों की दुष्टता यहोवा परमेश्वर की नज़रों में आ गई थी, और इसलिए जो कुछ उसने करने का इरादा किया था उसकी घोषणा करने के लिए उसने योना को उनके पास भेजा था। जबकि ऐसा कुछ भी लिखित रूप में दर्ज नहीं है जो हमें यह बताए कि योना कौन था, वास्तव में यह परमेश्वर को जानने से सम्बन्धित नहीं है। इस प्रकार, तुम लोगों को इस मनुष्य को समझने की कोई आवश्यकता नहीं है। तुम लोगों को केवल यह जानने की आवश्यकता है कि परमेश्वर ने योना को क्या करने का आदेश दिया था और उसने ऐसा काम क्यों किया था।

यहोवा परमेश्वर की चेतावनी नीनवे के लोगों तक पहुंचती है

आओ, हम दूसरे अंश की ओर आगे बढ़ें, योना की पुस्तक का तीसरा अध्यायः “योना ने नगर में प्रवेश करके एक दिन की यात्रा पूरी की, और यह प्रचार करता गया, ‘अब से चालीस दिन के बीतने पर नीनवे उलट दिया जाएगा।'” ये वे वचन हैं जिन्हें परमेश्वर ने नीनवे के लोगों को बताने के लिए सीधे योना को दिया था। वे स्वाभाविक रूप से वे वचन हैं जिन्हें यहोवा नीनवे के लोगों से कहना चाहता था। ये वचन हमें बताते हैं कि परमेश्वर ने नगर के लोगों से घृणा और नफरत करना शुरू कर दिया था क्योंकि उनकी दुष्टता परमेश्वर की नज़रों में आ गई थी, और इस प्रकार वह इस नगर का नाश करना चाहता था। लेकिन, परमेश्वर नगर को नष्ट करने से पहले नीनवे के नागरिकों के लिए एक घोषणा करेगा, और इसके साथ-साथ वह उन्हें उनकी दुष्टता के लिए पश्चताप करने और नए सिरे से शुरुआत करने का एक अवसर देगा। यह अवसर चालीस दिन तक रहेगा। दूसरे शब्दों में, यदि नगर के भीतर के लोगों ने चालीस दिनों के भीतर यहोवा परमेश्वर के सामने पश्चाताप न किया, अपने पापों को न माना या दंडवत न किया, तो परमेश्वर इस नगर को वैसे ही नष्ट करेगा जैसा उसने सदोम को नष्ट किया था। यह वह बात थी जिसे यहोवा परमेश्वर नीनवे के लोगों को बताना चाहता था। स्पष्ट रूप से, यह कोई सामान्य घोषणा नहीं थी। इसने न केवल यहोवा परमेश्वर के क्रोध को व्यक्त किया, बल्कि इसने नीनवे के लोगों के प्रति उसके रवैये को भी सूचित किया था; साथ ही इस सामान्य घोषणा ने नगर के भीतर रहनेवाले लोगों के लिए एक गम्भीर चेतावनी के रूप में भी काम किया था। इस चेतावनी ने उन्हें बताया था कि अपने बुरे कार्यों से उन्होंने यहोवा परमेश्वर की नफरत को अर्जित किया था, और इसने उन्हें बताया था कि उनके बुरे कार्य शीघ्र ही उन्हें उनके सम्पूर्ण विनाश के कगार पर पहुंचा देंगे; इसलिए, नीनवे में हर एक का जीवन विनाश के अत्यंत निकट था।

स्रोत: यीशु मसीह का अनुसरण करते हुए

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Hindi Christian Video “कितनी सुंदर वाणी।” क्लिप 1 – प्रभु यीशु के पुनरागमन की भविष्‍यवाणियां कैसे सच होती हैं?

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Hindi Christian Video “कितनी सुंदर वाणी।” क्लिप 1 – प्रभु यीशु के पुनरागमन की भविष्‍यवाणियां कैसे सच होती हैं?
धार्मिक मंडलियों में कई लोग प्रभु के बादलों पर सवार होकर नीचे उतरने की भविष्‍यवाणी से चिपके रहकर यह प्रतीक्षा कर रहे हैं कि प्रभु इस तरीके से आकर उन्‍हें स्‍वर्ग के राज्‍य में आरोहित करेंगे, लेकिन वे प्रभु के गुप्‍त आगमन की भविष्‍यवाणियों को अनदेखा कर देते हैं: “देख, मैं चोर के समान आता हूँ” (प्रकाशितवाक्य 16:15)। (© BSI) “आधी रात को धूम मची: ‘देखो, दूल्हा आ रहा है! उससे भेंट करने के लिये चलो‘” (मत्ती 25:6)। (© BSI) तो प्रभु के पुनरागमन की ये भविष्‍यवाणियां कैसे पूरी होती हैं? और किस तरह हम प्रभु के लौटने का स्‍वागत करने वाली समझदार कुंवारियां बनें?
 

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ये वही इंसान है बनाया था परमेश्वर ने जिसे | Hindi Christian Song With Lyrics

रौंदा है शैतान ने इंसान को, इंसान को।
नहीं है इंसान अब वो आदम और हव्वा,
हुआ करता था जो सृष्टि की शुरुआत में।

ये वही इंसान है बनाया था परमेश्वर ने जिसे | Hindi Christian Song With Lyrics

रौंदा है शैतान ने इंसान को, इंसान को।
नहीं है इंसान अब वो आदम और हव्वा,
हुआ करता था जो सृष्टि की शुरुआत में।
भरपूर है वो धारणा से, कल्पना से, ज्ञान आदि से,
हैं ख़िलाफ़ ये सारी बातें परमेश्वर के,
और भरपूर दूषित स्वभाव से।
है मगर इंसान फिर भी वही परमेश्वर की नज़र में,
बनाया था जिसे उसने।
है मगर इंसान फिर भी वही परमेश्वर की नज़र में,
बनाया था जिसे उसने।

अब भी है इंसान पर शासन उसी का,
अब भी है अधीन इंसान परमेश्वर के आयोजन के।
अब भी रहता है इंसान उसी व्यवस्था में
जो तय की है परमेश्वर ने।
परमेश्वर की नज़र में,
इंसान को बस दूषित किया है शैतान ने, उस शैतान ने।
ढका है महज़ धूल-मिट्टी से वो, जकड़ा हुआ है भूख से, भूख से
है थोड़ा धीमा प्रतिक्रिया में, थोड़ा कमज़ोर याददाश्त में,
है थोड़ा-सा बूढ़ा उम्र में।
हैं मगर उसके सारे क्रियाकलाप और सहज-ज्ञान, बिल्कुल पहले जैसे।
बचा लेगा इस इंसान को परमेश्वर। बचा लेगा इस इंसान को परमेश्वर।

जब ये इंसान पुकार सुनेगा, रचनाकार की पुकार सुनेगा,
उसकी वाणी सुनेगा, उठेगा और खड़ा होगा
वाणी की दिशा ढूंढेगा और दौड़ेगा।
जब ये इंसान परमेश्वर का रूप देखेगा,
तो अनदेखा कर देगा, छोड़ देगा सबकुछ,
ख़ुद को परमेश्वर को समर्पित कर देगा,
और परमेश्वर की ख़ातिर अपना जीवन भी त्याग देगा, त्याग देगा।

इंसान का दिल जब समझेगा, परमेश्वर के सच्चे वचनों को समझेगा,
तो वो नकार देगा, त्याग देगा शैतान
को और सृष्टिकर्ता के साथ आ खड़ा होगा।
जब वो धूल अपनी झाड़ लेगा, साफ कर लेगा,
और फिर से सृष्टिकर्ता से आपूर्ति, पोषण पाने लगेगा,
तो याददाश्त अपनी बहाल कर लेगा।
फिर वो हकीकत में,
सचमुच सृष्टिकर्ता के प्रभुत्व में लौट आएगा।
फिर वो हकीकत में,
सचमुच सृष्टिकर्ता के प्रभुत्व में लौट आएगा।
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